काशीपुर में वोट कटवा गैंग सक्रिय : पार्षद+पत्रकार समेत सैकड़ो “गायब”, पीड़ित बोले- जेल भेजेंगे

काशीपुर / उत्तराखंड (रिज़वान अहसन ),,,*”वोट कटवा गैंग का तांडव: पार्षद से लेकर पत्रकार तक ‘गायब’… अब पीड़ितों का ऐलान – दोषियों को जेल भिजवाकर ही दम लेंगे”**03 अगस्त की एक लिस्ट ने खोली साजिश की पोल। काशीपुर में लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला।*काशीपुर में वोटरों को “गायब” करने का खेल शुरू हो चुका है। निर्वाचन आयोग की 03 अगस्त 2026 की मतदाता संशोधन सूची में एक दिन में 11 लोगों को `Absent / Permanently Shifted` घोषित कर दिया गया। इस लिस्ट ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है क्योंकि इसमें मौजूदा पार्षद से लेकर वरिष्ठ पत्रकार और प्रतिष्ठित नागरिक तक शामिल हैं।*”हम यहीं हैं, फिर भी हमें गायब कर दिया”**1. मौजूदा पार्षद निशाने पर:* वार्ड के पार्षद मोनिश आशी का नाम भी इस सूची में है। 5 साल से जनता की सेवा कर रहे जनप्रतिनिधि को ही “स्थायी रूप से शिफ्टेड” बता दिया गया।*2. 20 साल के पत्रकार को बताया बाहरी:* वरिष्ठ पत्रकार रिजवान अहसन- जो पिछले दो दशक से काशीपुर में पत्रकारिता कर रहे हैं – क्रमांक 468, Part No. 681 में “गायब” घोषित।रिजवान अहसान ने कहा, > “ये सिर्फ मेरा अपमान नहीं है। इस झूठी आपत्ति से सैकड़ों लोगों को सामाजिक और मानसिक आघात पहुंचा है। मेरे जैसे सैकड़ों प्रतिष्ठित लोगों को इस दंश से गुजरना पड़ रहा है।”लिस्ट में और भी “खास” नामसानिया, समिया सिद्दीकी, सलमा शेख, साहिबा, सफात नबी, रशीदा बेगम, रिजवान अहसान। सभी का स्टेटस एक जैसा। सभी पर आपत्ति एक ही दिन 03/08/2026 को। आपत्ति दर्ज करने वाले अधिकारी: मनप्रीत सिंह और JAGESH।सूत्रों का दावा है शहर में इस तरह की सैकड़ों फर्जी आपत्तियां लगाई गई हैं। आरोप है कि चुनाव से पहले “वोट कटवा गैंग” विरोधी वोट बैंक को खत्म करने में लगा है।*अब आर-पार की लड़ाई: “जेल भिजवाकर ही मानेंगे”*अपमान और गुस्से से भरे पीड़ित अब चुप नहीं बैठेंगे। पार्षद, पत्रकार समेत सभी ने कसम खाई है।*3-स्तरीय कानूनी हमला तय:*1. *RTI वार:* आज जिला निर्वाचन अधिकारी को RTI। मांग – आपत्ति लगाने वाले का नाम, पता और सबूत सार्वजनिक करो।2. *FIR का प्रहार:* नाम पता चलते ही IPC 182 + IPC 199 + IPC 500 में मुकदमा। झूठी आपत्ति लगाने वालों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।3. *DM घेराव:* सभी पीड़ित जल्द DM को ज्ञापन देकर CBI जांच की मांग करेंगे।पार्षद मोनिश आशी ने कहा, _”अगर एक जनप्रतिनिधि सुरक्षित नहीं तो आम आदमी क्या करेगा।”_ पत्रकार रिजवान अहसान का प्रण, _”दोषियों को जेल भिजवाकर ही दम लेंगे।”_*कानून क्या कहता है?*IPC 199 – चुनाव में झूठी घोषणा = 1 साल जेल IPC 182 – सरकारी अधिकारी को गुमराह करना = 6 महीने जेल IPC 500 – मानहानि = 2 साल जेल + हर्जानाजब पार्षद और पत्रकार का नाम काटा जा सकता है तो क्या काशीपुर का कोई भी वोटर सुरक्षित है? क्या ये “सत्यापन” है या 2027 की चुनावी साजिश?जिला प्रशासन से जवाब मांगा गया है। शहर अब इस लड़ाई का नतीजा देख रहा है


















