उत्तराखंड में हुई बिन मौसम बरसात ने किसानों के आगे कर दिया संकट पैदा

अन्नदाता अब अपने बच्चों का पेट कैसे भरेगा जो हजारों लोगों का पेट भरता था आज वही गर्दिश में है
खेतों में लबालब भरे पानी से फसल हुई बर्बाद
उधमसिंह । उत्तराखण्ड राज्य में पहाड़ों से लेकर मैदानी क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बरसात के कारण खेतों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है उत्तराखंड राज्य के जिला ऊधम सिंह नगर में देखा गया है कि लगातार भारी बरसात के कारण खेतों में तैयार धान की फसल पूरी तरह से डूब गई हैं जिससे किसानों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है
उत्तराखंड राज्य के जिला ऊधम सिंह नगर में फसल की पैदावार अधिक मानी जाती है जो कि राज्य के साथ अन्य राज्यों में भी यहां की फसल का अच्छा व्यापार होता है लेकिन इस वर्ष बिना मौसम के भारी बरसात से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है खेतों में लबालब भरे पानी से फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं। यहां के किसानों को फसल की इंतजार रहता है लेकिन इस बरसात से किसानों को सिर्फ मायूसी हाथ लगी है। किसानों ने सरकार से फसलों की हुई बर्बादी का मुआवजा देने की मांग की है। अब देखना यह है कि उत्तराखण्ड सरकार किसानों की फसल के नुकसान का मुआवजा कब तक दे पाती है क्योंकि सभी त्यौहार पर्व आने वाले हैं। त्यौहार तभी किसान बना पाएगा जब उसके पास पैसा होगा फसल बर्बाद हो गई हैं तो किसान के पास पैसा कहां से आए अब किसान उम्मीद भरी नजरों से सरकार की तरफ टकटकी लगाए देख रहा है। सरकार उनकी फसल का उनके नुकसान का उचित मुआवजा कब तक देती है ताकि वह अपने परिवार के साथ त्योहार हर्षोल्लास के साथ मना सके। यह वह किसान है यह वह अन्नदाता है जो हजारों लोगों का पेट भरता है आज उसी अन्नदाता पर अपने बच्चों का पेट भरने के भी लाले पड़ गए हैं। अब देखते हैं सरकारी मशीनरी इसमें कितनी सक्रियता दिखाती है कि इन्हें समय से मुआवजा मिल सके। अब यह देखना होगा के किसान के बच्चे इस बार दशहरा दीपावली मना पाते हैं या नहीं
देखते हैं अन्नदाता के बच्चों के लिए सरकार क्या करती है क्या वह त्यौहार मना पाएंगे यह वक्त बताएगा
जनपद उधम सिंह नगर से आईरा न्यूज़ नेटवर्क के लिए राजेश सिंघल की रिपोर्ट
















