आरटीआई कानून के 17 वर्ष पूरा होने पर गोष्ठी का आयोजन किया

आईरा न्यूज़ नेटवर्क बिजनौर से विकास अग्रवाल
नजीबाबाद । आरटीआई कानून के 17 वर्ष पूर्ण होने पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें स्कूली बच्चों को उक्त कानून के बारे में विस्तार से बताया गया।
स्थानीय आचार्य आर एन केला इंटर कॉलेज में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के 17 वर्ष पूरा होने पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें उक्त कानून के बारे में स्कूली बच्चों को विस्तार से बताया गया गोष्ठी को संबोधित करते हुए आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा ने बताया कि उक्त कानून आज ही के दिन 12 अक्टूबर 2005 को देश में लागू हुआ था जिसके तहत कोई भी व्यक्ति जनहित की कोई भी जानकारी किसी भी विभाग से प्राप्त कर सकता है उन्होंने कहा कि देश के अधिकांश कानूनो में से अभी तक इस कानून के बारे में लोगों का रुझान ज्यादा हुआ है वहीं सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 का मूल उद्देश्य नागरिकों को सशक्त बनाना, सरकार की कार्यशैली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना, भ्रष्टाचार को रोकना तथा हमारे लोकतंत्र को सही मायने में लोगों के लिए कार्य करने वाला बनाना है। अत स्पष्ट है कि सूचना प्राप्त कर जनमानस शासन प्रशासन के कार्यों पर नजर रखता है और सरकार को जनता के लिए और अधिक जवाबदेह बनाता है। यह अधिनियम नागरिकों को सरकार की गतिविधियों के बारे में जागरूक करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस अवसर पर स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ भूपेंद्र सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में वास्तविक शक्ति जनता में निहित होती है भारत की संप्रभुता भारत के लोगों में निहित है और विधायिका कार्यपालिका का मुख्य कार्य जनकल्याण ही है निश्चित ही जनता को उसके प्रतिनिधियों और प्रशासन द्वारा किए गए प्रत्येक कार्य को जानने का अधिकार होना ही चाहिए। इस अवसर पर शिक्षक रजनीश कुमार शैलेश कुमार, अभिनय मौर्य, विपिन कुमार, राजीव शर्मा तथा कॉलेज का स्टाफ उपस्थित था।

















