असम में एक बार फिर नेशनल गेम्स आयोजन करना चाहते हैं मुख्यमंत्री डॉ.हिमंत विश्व शर्मा

असम में एक बार फिर नेशनल गेम्स आयोजन करना चाहते हैं मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा
गुवाहाटी: राज्य में राष्ट्रीय खेलों के अगले संस्करण की मेजबानी के लिए अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए असम के मुख्यमंत्री माननीय डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को प्रमुख खेल आयोजनों की मेजबानी में राज्य की गौरवपूर्ण विरासत का हवाला दिया। साथ ही खेलों के विकास पर भारी निवेश करके प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता पर भी प्रकाश डाला।



सोमवार को सरुसजाई स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स (गुवाहाटी) में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2023 के चौथे संस्करण (अष्टलक्ष्मी) के उद्घाटन समारोह में डॉ. शर्मा ने कहा, “हमारे राज्य के पास 2007 में राष्ट्रीय खेलों, 2016 में 12वें दक्षिण एशियाई खेल, फीफा अंडर-17 विश्व कप, एआईबीए विश्व महिला युवा मुक्केबाजी चैंपियनशिप, प्रीमियर बैडमिंटन लीग, नेशनल स्कूल गेम्स, खेलो इंडिया यूथ गेम्स सहित कई प्रमुख खेल आयोजनों की मेजबानी करने की गौरवशाली विरासत है। केआईयूजी का यह संस्करण राज्य की समृद्ध खेल विरासत में एक और अध्याय जोड़ेगा।
उन्होंने कहा, “असम के पास एक महान खेल विरासत है, और मेरा मानना है कि आने वाले वर्षों में राज्य के अधिक से अधिक खिलाड़ी देश का नाम रोशन करेंगे और देश के खेल इतिहास में योगदान देंगे।”
उन्होंने आगे कहा, “असम ने पहली बार 2007 में राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी की थी, लेकिन मैं अब एक बार फिर केंद्र सरकार से असम को 2025 या 2026 के राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी का अवसर देने का अनुरोध करूंगा।”
राज्य भर में खेल बुनियादी ढांचे के विकास के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य भर के सभी जिलों और 126 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसरों के निर्माण की दिशा में काम शुरू हो गया है।
उन्होंने कहा, “ पिछले तीन वर्षों से, असम पीएम नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए खेल विकास पर भारी निवेश कर रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए हमने गुवाहाटी में नेहरू स्टेडियम को विश्व स्तरीय फुटबॉल स्टेडियम में अपग्रेड करने के लिए 800 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इसके साथ ही, अमीनगांव और चंद्रपुर में दो खेल परिसर भी बन रहे हैं। इसके अलावा, हमारी सरकार ने प्रत्येक जिले में खेल परिसरों को विकसित करने के लिए 50 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, और 126 विधानसभा क्षेत्रों में से प्रत्येक में खेल परिसरों को विकसित करने के लिए 12 करोड़ रुपये भी आवंटित किए हैं।”
खेलों इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के आधिकारिक आगाज की घोषणा करते हुए, शर्मा ने अपने साथी नागरिकों से खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स, 2023 में भाग लेने वाले प्रत्येक एथलीट के साथ गर्मजोशी से व्यवहार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा,” असम अपने आतिथ्य के लिए जाना जाता है। आइए हम असम आने वाले प्रत्येक एथलीट का उसी गर्मजोशी के साथ स्वागत करें। इन शब्दों के साथ, मैं खेलों के शुभारंभ की घोषणा करता हूं।”
इससे पहले, 2019 विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता जमुना बोरो ने डॉ. शर्मा को औपचारिक मशाल सौंपी।
केआईयूजी के इस संस्करण में करीब 4,000 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। ये एक पखवाड़े में 20 खेलों में कुल 262 स्वर्ण पदक के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। इसके तहत 19-29 फरवरी तक गुवाहाटी और छह अन्य उत्तर पूर्वी शहरों में 18 स्थानों पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं।
भव्य उद्घाटन समारोह में केंद्रीय खेल और युवा मामलों के मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर, असम की खेल और युवा कल्याण मंत्री नंदिता गारलोसा के साथ-साथ कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2023 के दौरान गुवाहाटी कुल 16 खेलों की मेजबानी करेगा, जिसमें एथलेटिक्स, रग्बी, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, तैराकी, बैडमिंटन, हॉकी, तलवारबाजी, कबड्डी, महिला फुटबॉल, टेनिस, मल्लखंब, जूडो, टेबल टेनिस, महिला मुक्केबाजी और शूटिंग शामिल हैं। पूर्वोत्तर के बाकी शहर छह स्पर्धाओं की मेजबानी करेंगे, जिनके नाम हैं: तीरंदाजी, पुरुष फुटबॉल, पुरुष मुक्केबाजी, भारोत्तोलन, कुश्ती और योगासन।
रंगारंग उद्घाटन समारोह में प्रसिद्ध गायक और कलाकार पापोन नाम से परिचित अंगराग महंत के परफॉरमेंस के अलावा इस जीवंत क्षेत्र की समृद्ध परंपरा को प्रदर्शित करने वाला एक नृत्य का भी प्रदर्शन किया गया। इसमें एकता, विविधता और खेल भावना के सार पर प्रकाश डाला गया है।


















