स्मार्ट मीटर पखवाड़े का समापन,मेयर बाली ने आमीन जन से आधुनिक तकनीक से जुड़ने का किया आह्वान

काशीपुर / उत्तराखंड (नसरीन खान निशा ),,,,गत नौ फरवरी से 23 फरवरी तक आमजन को स्मार्ट मीटर के प्रति जागरूक करने और उससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से चलाए गए “स्मार्ट मीटर पखवाड़े” का समापन आवास विकास क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के साथ हुआ। कार्यक्रम में महापौर दीपक बाली, विद्युत विभाग के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए महापौर दीपक बाली ने कहा कि जब भी कोई नई तकनीक या इनोवेशन आता है, उसके साथ कई तरह की आशंकाएं और भ्रांतियां भी फैलती हैं। उन्होंने बताया कि काशीपुर में स्मार्ट मीटर लगाने की शुरुआत उन्होंने स्वयं अपने घर से की थी और पिछले छह-सात महीनों में उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर के माध्यम से उपभोक्ता अपने बिजली उपभोग की पूरी जानकारी मोबाइल ऐप पर देख सकता है, जिससे खर्च पर नियंत्रण संभव है। महापौर ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर से किसी प्रकार की “चीटिंग” संभव नहीं है, क्योंकि पूरा डाटा उपभोक्ता के पास रहता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर उन लोगों के लिए “खतरनाक” है जो जुगाड़ की बिजली पर निर्भर रहते हैं।
56 हजार मीटर लगाने का लक्ष्य
महापौर ने जानकारी दी कि नगर निगम क्षेत्र में लगभग 56 हजार स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य निर्धारित है, जिनमें से करीब 35 हजार मीटर काशीपुर डिवीजन में लगाए जा चुके हैं। पखवाड़े के दौरान काशीपुर, बाजपुर और जसपुर डिवीजन में जागरूकता शिविर आयोजित किए गए, जिनका सकारात्मक प्रतिसाद मिला।
कार्यक्रम में विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंताओं ने बताया कि यदि किसी उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर को लेकर कोई संदेह या शिकायत है तो वह विभागीय डेस्क पर शिकायत दर्ज करा सकता है। तकनीकी खामी पाए जाने पर मीटर को निशुल्क बदला जाएगा। यदि मीटर की गति को लेकर शंका हो तो चेक मीटर लगाकर परीक्षण भी किया जा सकता है। अधिकारियों के अनुसार अधिकांश शिकायतें सॉफ्टवेयर इंटीग्रेशन से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के कारण थीं, जिन्हें अब दूर कर दिया गया है।
महापौर ने सामाजिक जिम्मेदारी का आह्वान करते हुए कहा कि जैसे बिजली उपभोग में पारदर्शिता जरूरी है, वैसे ही स्वच्छता और कर भुगतान भी हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने घोषणा की कि होली के बाद प्रत्येक घर तक दो डस्टबिन उपलब्ध कराने की योजना पर कार्य किया जाएगा, ताकि सूखा और गीला कचरा अलग करने की आदत को बढ़ावा मिल सके।
समापन अवसर पर पार्षद पुष्कर बिष्ट, योग विशेषज्ञ डॉ. आशीष शर्मा सहित कई अधिकारी और नागरिक उपस्थित रहे। अंत में महापौर ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बदलते समय में तकनीक के साथ चलना ही विकास का मार्ग है और स्मार्ट मीटर उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है
























