वाराणसी/उत्तरप्रदेश

लेडी सिंघम’ नीतू काद्दयान के साथ CP मोहित अग्रवाल का एक्शन, बोले- “बेटियों की सुरक्षा में कोताही पर नपेंगे थानेदार

IMG-20260127-WA0039
previous arrow
next arrow

वाराणसी धर्म और संस्कृति की नगरी काशी में महिलाओं की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल एक्शन मोड में हैं। आज रोहनिया थाना स्थित ‘मिशन शक्ति केंद्र’ के औचक निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट कर दिया कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए वाराणसी में कोई जगह नहीं है। इस दौरान उनके साथ वरुणा जोन की एडीसीपी नीतू काद्दयान (लेडी सिंघम) भी मौजूद रहीं, जिनकी सख्त कार्यप्रणाली से अपराधियों में पहले ही खौफ है।
मिशन शक्ति केंद्र को मिले ‘सुपरपावर’ निर्देश
निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने महिला हेल्प डेस्क की बारीकियों को परखा और कुछ कड़े निर्देश जारी किए:
➡️साप्ताहिक फीडबैक अनिवार्य: घरेलू हिंसा या उत्पीड़न की शिकार महिला से पुलिस हर हफ्ते संपर्क करेगी। फीडबैक के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
➡️ सीसीटीवी और शिकायत पेटिका: अब हर स्कूल, कॉलेज, कोचिंग और हॉस्टल की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से होगी। साथ ही वहां शिकायत पेटिकाएं लगाई जाएंगी ताकि छात्राएं बेझिझक अपनी बात कह सकें।
➡️एंटी-रोमियो स्क्वाड की वापसी: मिशन शक्ति केंद्र के कर्मी अब सादे कपड़ों में एंटी-रोमियो स्क्वाड बनकर स्कूलों और कोचिंग संस्थानों के बाहर मंडराने वाले मजनुओं और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसेंगे।
15 दिन में इंसाफ और 100% FIR
पुलिस कमिश्नर ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाते हुए कहा कि महिला अपराध और बच्चों की गुमशुदगी के मामलों में 100% एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।

“अगर शिकायत दर्ज करने में किसी भी स्तर पर टालमटोल या लापरवाही मिली, तो संबंधित पुलिसकर्मी के विरुद्ध तत्काल विभागीय कार्रवाई की जाएगी।” – मोहित अग्रवाल, पुलिस आयुक्त

एडीसीपी नीतू काद्दयान (लेडी सिंघम) का कड़ा रुख
क्षेत्र में अपनी बहादुरी और त्वरित फैसलों के लिए मशहूर लेडी सिंघम एडीसीपी नीतू काद्दयान ने मिशन शक्ति प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे केवल दफ्तर न बैठें, बल्कि स्वयं फील्ड में उतरकर हॉस्टलों और कॉलेजों के पास गश्त बढ़ाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं की गरिमा और मर्यादा को अक्षुण्ण रखना ही वाराणसी पुलिस की प्राथमिकता है
विवेचना अवधि छोटे मामलों में 15 दिन के भीतर जांच पूरी करना अनिवार्य।
निगरानी कोचिंग और हॉस्टल के बाहर एंटी-रोमियो स्क्वाड की नियमित तैनाती।
पारदर्शिता शिकायतकर्ता की गरिमा बनाए रखते हुए त्वरित वैधानिक कार्यवाही
तकनीक शिक्षण संस्थानों में सीसीटीवी कैमरों का अनिवार्य इंस्टॉलेशन।

Sallauddin Ali

50% LikesVS
50% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
close