लगातार नौवें दिन भी कैंसिलेशन जारी, यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं, अब तक के बड़े अपडेट्स

IndiGo Flight Crisis: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की उड़ानों में जारी अव्यवस्था बुधवार, 10 दिसंबर को नौवें दिन भी जारी रही। 2 दिसंबर से शुरू हुए संकट के बाद उड़ान रद्दीकरण लगातार बढ़ता गया, जिसके बाद सरकार ने पहले एयरलाइन के ऑपरेशन में 5% कटौती करने का आदेश दिया और कुछ ही घंटों बाद इसे बढ़ाकर 10% कर दिया।
इसके बावजूद यात्रियों की मुसीबत में राहत के कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिख रहे हैं। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जो तस्वीरें सामने आईं, उनमें भारी संख्या में फंसे यात्री दिखाई दिए, जो घंटों से उड़ानों के अपडेट का इंतज़ार कर रहे थे।
पायलट बॉडी ने उठाई सुरक्षा पर चिंता
इंडिगो संकट के बीच अब पायलटों के संगठन एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALPA) ने DGCA द्वारा दी गई छूट पर गंभीर सुरक्षा सवाल उठाए हैं। ALPA ने कहा कि DGCA ने इंडिगो को FDTL (Flight Duty Time Limitations) नियमों में एक बार की छूट दी है, जो पायलट थकान और विमान सुरक्षा दोनों के लिए जोखिमपूर्ण है।
ALPA इंडिया के महासचिव कैप्टन अनिल राव ने ANI से कहा-उड़ानों की मांग पूरी करने के लिए सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। DGCA द्वारा अस्थायी छूट देना नियमों के दोहरे मापदंड जैसा है और इससे उड़ान सुरक्षा पर खतरा बढ़ जाता है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि इंडिगो को अपनी दैनिक उड़ानों में 10% कटौती करनी होगी। उन्होंने कहा कि एयरलाइन सभी गंतव्यों की सेवा जारी रखेगी, लेकिन ऑपरेशन्स को कम कर स्थिरता लाई जाएगी।
किन शहरों में सबसे ज्यादा असर?
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, हवाई अड्डों ने उड़ान रद्द होने की जानकारी यात्रियों को 6 घंटे पहले देना शुरू कर दिया है, ताकि वे बेवजह एयरपोर्ट न पहुंचें। उड्डयन मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा किए गए अचानक निरीक्षण में कई बड़े हवाई अड्डों पर इंडिगो फ्लाइट देरी और रद्दीकरण का गंभीर असर देखने को मिला।
देरी से सबसे प्रभावित एयरपोर्ट्स में दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता, कोच्चि, गोवा और लखनऊ शामिल हैं। मंत्रालय के संयुक्त सचिव मधु सूदान शंकर ने बताया कि हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है और पूरे सिस्टम में “स्थिति नियंत्रण में है और लगातार सुधार हो रहा है।”
अचानक निरीक्षण में क्या मिला?
कई सिविल एविएशन अधिकारियों ने मंगलवार को देशभर के हवाई अड्डों पर अचानक निरीक्षण किए। अधिकारियों ने ATC, एयरपोर्ट ऑपरेटरों, ग्राउंड स्टाफ सहित सभी हितधारकों से बातचीत की। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि इंस्टॉलेशन, संचालन और यात्रियों की सुविधा के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
संसदीय समिति के सामने पेश होगा पायलट संगठन
संकट गंभीर होने के बाद अब संसद की स्थायी समिति ने ALPA इंडिया को बुलाया है। समिति पायलटों की चिंताओं-जैसे रोस्टर नियम, ड्यूटी टाइम, थकान और सुरक्षा जोखिम को सुनने के लिए तैयार है। ALPA इंडिया के बयान के अनुसार, हमें FDTL उल्लंघन, ड्यूटी-टाइम वायलेशन और ऑपरेशनल स्ट्रेस पर अपनी बात संसद समिति के सामने रखने के लिए आधिकारिक रूप से आमंत्रित किया गया है।
यात्रियों की परेशानी अभी खत्म नहीं
इंडिगो की ओर से यह दावा किया जा रहा है कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन लगातार नौ दिनों से जारी रद्दीकरण और देरी से यात्री बेहद परेशान हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पायलट रोस्टर, स्टाफ की कमी और शेड्यूल मिसमैनेजमेंट की समस्याओं को हल किए बिना स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में और समय लग सकता है।





