वाराणसी/उत्तरप्रदेश

रमजान का पाक महीने का मतलब आसान तरीके से बता रही हु.

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भूखे रहना रोजा नहीं है
अपनी नफ़्स क़ो काबू मे रखना नेकी करना गरीबो की मदद करना गुनाहो सें खुद क़ो बचाना इबादत करना रोजा है
रोजा रखने सें हमक़ो नया जिस्म मिलता है ज़ब हम पानी खाना नहीं खाते है तो bad वैकटेरिया एक दूसरे क़ो खाने लगते है और जिस्म की सफाई होती है नया जिस्म मिलता है
जकात
हमारे पास जीतने भी रूपये पैसे जेवर होता उसके हिसाब सें पैसे निकालते है और उस पैसे सें गरीबो की मदद की जाती है
फितरा
हम जो अनाज खाते है उसके रेट यानि ढाई kg अनाज का एक फितरा होता है फॅमिली के सारे लोगो का फितरा गरीब या कोई अपना करीबी जरूरतमंद है उसको देते यहां तक की कोई गरीब और भिखारी भी है तो उसको भी फितरा देना वाजिब है l नेक अमल करना चाहिए l झूठ बुराई चुगलखोरी से बचना चाहिए वैसे कहा जाए तो इस्लाम में झूठ चुगलखोरी बुराई जैसी चीज नहीं है इन बुरी आदतों से बचना चाहिएl इन सब बुराइयों से अपने कल्ब को साफ करना चाहिए l
ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए नेक नीयत से वह किसी भी मजाक से ताल्लुक रखता हो इस्लाम का मकसद जरूरतमंद की मदद करना है मोहब्बत और इंसानियत कायम रखना है l किसी का हक नहीं खाना l
और साइंस ने भी प्रूफ किया है कि रोजा रखने से कैंसर जैसी बीमारी से बचा जा सकता हैI सुभानल्लाह और साइंस में कहा है कि साल में 30 दिन भूखे रहना चाहिए जिससे बॉडी बैड सेल डेट होते हैं तमाम बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता हैl रमजान इबादत का महीना होता है इसी रमजान में अल्लाह ने कुरान शरीफ नाजिल की अपनी उम्मत के लिए काफी रहमत और बरकत का महीना होता हैl इस महीने में शैतान कैद कर लिए जाते हैंl और एक नेक के बदले अल्लाह 70 नेकी लिखता हैl तो पूरी रोजे रखना चाहिए और दिल से इबादत करनी चाहिए अल्लाह की l क्या नहीं मिलता है अल्लाह की मोहब्बत में अल्लाह से मोहब्बत करके तो देखें l
शबा खान ✍️

Sallauddin Ali

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