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मुरादाबाद में प्रसूता की मौत का मामला पहुँचा मानवाधिकार आयोग-मुआवज़े व FIR की मांग

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मुरादाबाद में प्रसूता की मौत का मामला मानवाधिकार आयोग पहुंचा,मुआवज़े व FIR की मांग

चिकित्सकीय लापरवाही के आरोप; आयोग ने शिकायत दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू की


मुरादाबाद/लखनऊ, संवाददाता
मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में प्रसूता महिला की कथित चिकित्सकीय लापरवाही से हुई मौत का मामला अब उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग पहुंच गया है। आयोग ने वर्ल्ड एक्रेडिटेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स के मंडल डायरेक्टर संदीप सिंह की शिकायत का संज्ञान लेते हुए इसे डायरी नंबर 2052/IN/2026 के रूप में दर्ज कर लिया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुरादाबाद निवासी पूजा मालवीय को प्रसव के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां ऑपरेशन के बाद उनकी हालत बिगड़ गई और उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल द्वारा समय पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई।
लापरवाही के गंभीर आरोप
लगाए गए है
ऑपरेशन से पूर्व आवश्यक चिकित्सकीय जांच और जोखिम आकलन नहीं किया गया
ऑपरेशन के बाद उत्पन्न जटिलताओं का समय पर उपचार नहीं हुआ
अस्पताल में पर्याप्त ICU/क्रिटिकल केयर की व्यवस्था नहीं थी
वही मानवाधिकार कार्यकर्ता संदीप सिंह ने मामले में संबंधित चिकित्सकों व अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध FIR दर्ज करने की मांग की है। साथ ही इसे संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन के अधिकार) का उल्लंघन बताया गया है।
शिकायतकर्ता संदीप सिंह द्वारा आयोग से निम्न मांगें की गई हैं: की
मृतका के परिजनों को ₹10 लाख का मुआवज़ा
अस्पताल के लाइसेंस की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई हो
संबंधित डॉक्टरों और स्टाफ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई
पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय स्वतंत्र हो
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की भूमिका की जांच हो
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अस्पताल प्रशासन द्वारा मामले में पारदर्शिता नहीं बरती गई तथा रिकॉर्ड से संबंधित अनियमितताएं सामने आई हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
इस घटना के बाद निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
मानवाधिकार आयोग द्वारा मामले की प्रारंभिक जांच के बाद संबंधित विभागों से रिपोर्ट तलब किए जाने की संभावना है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।

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