बारामती विमान हादसे ने न सिर्फ महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार को छीना, बल्कि उत्तर प्रदेश के जौनपुर की एक होनहार बेटी पिंकी माली की जिंदगी भी हमेशा के लिए थम गई

बारामती विमान हादसे ने न सिर्फ महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार को छीना, बल्कि उत्तर प्रदेश के जौनपुर की एक होनहार बेटी पिंकी माली की जिंदगी भी हमेशा के लिए थम गई। पिंकी उस चार्टर्ड विमान में फ्लाइट अटेंडेंट के तौर पर ड्यूटी पर थीं, जिसने बुधवार सुबह हादसे का शिकार होकर कई जिंदगियां छीन लीं।
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के केराकत तहसील के भैंसा गांव की रहने वाली पिंकी माली पिछले पांच वर्षों से प्राइवेट चार्टर्ड फ्लाइट्स में काम कर रही थीं। इससे पहले वह एयर इंडिया में अपनी सेवाएं दे चुकी थीं। एविएशन की दुनिया में उनकी यह पहचान संघर्ष, मेहनत और सपनों से भरी रही।
पिंकी के पिता शिवकुमार माली ने बताया कि मंगलवार रात उनकी बेटी से आखिरी बार बात हुई थी। उसने कहा था, “पापा, मैं अजित दादा के साथ बारामती जा रही हूं, फिर नांदेड़ निकलूंगी।” किसी को क्या पता था कि यह बातचीत आखिरी साबित होगी।
पिंकी की जिंदगी का सफर आसान नहीं रहा। कभी मॉडलिंग में करियर बनाने का सपना देखने वाली पिंकी ने पिता की सलाह पर एविएशन को चुना और अपनी मेहनत से ऊंची उड़ान भरी। यह अजित पवार के साथ उनकी चौथी फ्लाइट थी, लेकिन नियति ने इस बार बेहद क्रूर मोड़ ले लिया।
इस हादसे की खबर मिलते ही जौनपुर से लेकर मुंबई तक मातम पसर गया। गांव में सन्नाटा है, परिवार सदमे में है और हर आंख नम है।






