काशीपुर-उत्तराखण्ड़

प्रशासनिक अधिकारी के सामने पूर्व चेयरमैन को जान से मारने की धमकी,,,प्रेसवार्ता मे पूर्व चेयरमैन ने खोलें राज़

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काशीपुर / उत्तराखंड (नसरीन खान निशा ),,,,रामनगर रोड स्थित प्रतापपुर क्षेत्र में भूमि कब्जे को लेकर चल रहे बहुचर्चित विवाद में पूर्व पालिकाध्यक्ष शमशुद्दीन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि दबंगई के बल पर उनकी तथा अन्य भू-स्वामियों की जमीन पर रात के अंधेरे में जेसीबी लगाकर अवैध रूप से दीवारें तोड़ी गईं और कब्जे का प्रयास किया गया। उन्होंने इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से न्याय की गुहार लगाई। पूर्व पालिकाध्यक्ष शमशुद्दीन ने बताया कि विवाद खसरा संख्या 181 से जुड़ा है, जिसका कुल फ्रंट लगभग 182 फीट है। उन्होंने कहा कि इस फ्रंट में पहले ही 130 फीट की रजिस्ट्री सुनील छाबड़ा के नाम हो चुकी है, जिसमें स्पष्ट रूप से 35 फिट का रास्ता दर्शाया गया है। इसके बाद अन्य रजिस्ट्रियां भी क्रमवार हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शक्ति प्रकाश अग्रवाल द्वारा एक एकड़ भूमि खरीदने का दावा भ्रामक है, क्योंकि बाद में किसानों से समझौते के तहत उन्होंने अधिकांश भूमि वापस कर दी और अलग-अलग हिस्सों की रजिस्ट्री अन्य लोगों के नाम करवाई। पूर्व पालिकाध्यक्ष ने कहा कि संबंधित व्यक्ति ने 700 फिट पीछे जाकर भूमि की रजिस्ट्री करवाई, जबकि फ्रंट खरीदने का दावा किया जा रहा है।

रजिस्ट्री दस्तावेजों में स्वयं उनके द्वारा 35 फिट का सार्वजनिक रास्ता छोड़े जाने का उल्लेख है, जिसे बंद करने का अधिकार किसी को नहीं है। इसके बावजूद रात करीब तीन बजे भारी संख्या में लोगों और जेसीबी मशीनों के साथ आकर सुनील छाबड़ा और उनकी जमीन की बाउंड्री तोड़ दी गई, यहां तक कि मिट्टी भी उठा ली गई। शमशुद्दीन ने स्पष्ट किया कि उनका संबंधित व्यक्ति से कभी कोई व्यक्तिगत या भूमि विवाद नहीं रहा, फिर भी उनकी दीवार तोड़कर उन्हें अपमानित किया गया। उन्होंने कहा कि यदि उनकी जमीन गलत पाई जाती है तो वे स्वयं हटने को तैयार हैं, लेकिन दबंगई के सहारे किया गया यह कृत्य असहनीय है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन को तहरीर देने तथा एसएसपी, सीओ से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग करने की जानकारी भी दी। पूर्व पालिकाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में भी उन्हें गोली मारने की धमकी दी गई, जिससे वे और अन्य लोग अपनी जमीन पर जाने से डर रहे हैं। शमशुद्दीन ने कहा कि यह मामला केवल जमीन का नहीं बल्कि उनके मान-सम्मान से जुड़ा है, जिसे शहर की जनता ने वर्षों से उन्हें दिया है। उन्होंने स्थानीय पुलिस व प्रशासन और नगर निगम से निष्पक्ष जांच की उम्मीद करते हुए भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराकर उन्हें न्याय दिलायेंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुनील छाबड़ा, नरेन्द्र रस्तोगी, शमीम शम्मी व शाहिद मंसूरी आदि भी उपस्थित थे।

RIZWAN AHSAN

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