पटेल विचार मंच ने पुण्य तिथि पर सरदार पटेल को किया याद

इन्तिजार अहमद खान
इटावा पूर्व उपप्रधानमंत्री एवं पूर्व गृह मंत्री भारत सरकार ,भारत रत्न, राष्ट्र शिल्पी ,लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की 75 वी पुण्य तिथि पर उत्तर प्रदेश सरदार पटेल विचार मंच के कैंप कार्यालय पक्का तालाब पर गोष्ठी कर उनको याद किया गया।इस अवसर पर गोष्ठी को संबोधित करते हुए मंच के अध्यक्ष आशीष पटेल ने कहा कि आज हम उस महान व्यक्तित्व को श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्रित हुए हैं, जिन्हें हम लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम से जानते हैं। आज, 15 दिसंबर को, उनकी पुण्यतिथि है। यह केवल एक कैलेंडर तिथि नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र के लिए एक ऐसा दिन है जब हम उनके असाधारण योगदान और उन सिद्धांतों को याद करते हैं जिन पर हमारा आधुनिक भारत खड़ा है।
सरदार पटेल का सबसे बड़ा योगदान, निःसंदेह, 565 से अधिक रियासतों को एकजुट कर एक अखंड राष्ट्र का निर्माण करना था। उन्होंने यह कार्य केवल कूटनीति से नहीं, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति, स्पष्ट दृष्टि और प्रत्येक भारतीय की एकता में अटल विश्वास के साथ किया।
इस अवसर पर विशेष रूप से मौजूद पूर्व जिला अध्यक्ष समाजवादी पार्टी सुनील यादव ने कहा कि मैं अपने संबोधन को आशीष पटेल के वक्तव्य से जोड़ते हुए कहना चाहता हू कि इस एकीकरण के पीछे एक और गहरा सिद्धांत काम कर रहा था—धर्मनिरपेक्षता।
धर्मनिरपेक्षता का अर्थ उनके लिए केवल ‘सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान’ तक सीमित नहीं था। यह उनके लिए भारत की आत्मा थी, जहाँ राष्ट्रीय हित और कानून का शासन किसी भी धार्मिक पहचान से ऊपर है।
उन्होंने एक ऐसे भारत का सपना देखा जहाँ हर नागरिक, चाहे उसका धर्म, जाति या भाषा कुछ भी हो, खुद को पहले भारतीय माने।उनके नेतृत्व में, यह सुनिश्चित किया गया कि स्वतंत्रता का फल सभी तक पहुँचे और किसी भी धार्मिक या क्षेत्रीय समूह को पीछे न छोड़ा जाए।
गोष्ठी को पूर्व सभासद सचिन वर्मा,पूर्व सभासद विमल वर्मा, डा समित वर्मा आदि ने भी संबोधित किया।
गोष्ठी का संचालन अवनींद्रमोहन पटेल ने किया ,अध्यक्षता राजेश वर्मा ने की।गोष्ठी उपरांत पक्के तालाब चौराहे पर स्थित लौह पुरुष की प्रतिमा पर मंच के पदाधिकारियों ने माल्यार्पण का श्रद्धा सुमन अर्पित किए।इस मौके पर सचिन वर्मा सोमनाथ ,हीरालाल पटेल,देशराज वर्मा,सुनील पटेल,राहुल गुप्ता,निशांत वर्मा,दीपक वर्मा,सौरभ वर्मा,लालता पहलवान,राकेश वर्मा,जितेंद्र वर्मा,अंकुर वर्मा,प्राणेश वर्मा,संजय वर्मा,पवन वर्मा,रोहित वर्मा,सत्येंद्र वर्मा आदि लोग प्रमुख रूप से मौजूद रहे।





