उत्तराखंड

घुसपैठियों की पहचान के लिए राज्यव्यापी सत्यापन अभियान की हो गईं तैयारी

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आईरा विशेष संवाददाता,,,,उत्तराखंड में संदिग्धों और घुसपैठियों की पहचान के लिए राज्यव्यापी सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत किराएदारों, बाहरी संदिग्धों, घुसपैठियों और डिलीवरी एजेंटों की गहन जांच होगी।
उत्तराखंड में संदिग्धों और घुसपैठियों की पहचान के लिए राज्यव्यापी अभियान चलाने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह अभियान हर जिले के थाना और चौकी स्तर पर चलेगा जिसकी निगरानी बड़े अधिकारी करेंगे। इसके तहत अपार्टमेंट, होटलों, धर्मशाला और किराए के मकानों में रहने वालों के साथ प्रॉपर्टी डीलरों और उनके किराएदारों की जांच होगी। बिना जांच के किराएदार रखने या संदिग्धों को शरण देने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय से रविवार को जारी आदेश अनुसार, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने पूरे राज्य में संदिग्धों और घुसपैठियों की पहचान करने के लिए सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। यह अभियान सभी जिलों के थानों और चौकियों में चलाया जाएगा और इसकी निगरानी बड़े पुलिस अधिकारियों द्वारा की जाएगी। अभियान की समीक्षा पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) से लेकर महानिरीक्षक (आईजी) स्तर तक होगी।

इस अभियान के तहत पूरे राज्य में बड़े अपार्टमेंट, आश्रम, धर्मशाला, किराए के मकान, फ्लैट, पीजी और होटलों में रहने वाले लोगों का सत्यापन किया जाएगा। साथ ही प्रॉपर्टी डीलरों और ब्रोकरों के माध्यम से रखे गए किरायेदारों की भी जांच होगी। यदि कोई बिना सत्यापन के किरायेदार रखता है या संदिग्ध लोगों को शरण देता हैए तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

‘होम डिलीवरी’ सेवाओं तथा ई-कॉमर्स मंचों जैसे अमेजन, जोमेटो और ब्लिंकिट से जुड़े डिलीवरी एजेंटों, सिक्योरिटी एजेंसी स्टाफ, कैब संचालकों और औद्योगिक क्षेत्रों में भी ठेकेदारों के सत्यापन के लिए अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत अकेले रहने वालों और वरिष्ठ नागरिकों की पहचान की जाएगी। इन लोगों की सुरक्षा का मूल्यांकन किया जाएगा और उनके यहां लगे घरेलू सहायकों, केयर-टेकर, चालकों एवं अन्य कर्मचारियों का सत्यापन किया जाएगा।

अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों और वीजा खत्म होने के बाद भी ठहरे विदेशी नागरिकों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान में संदिग्धों की पहचान के लिए आधुनिक तकनीक और डेटाबेस का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही नैटग्रिड, CCTNS और आईसीजेएस जैसे केंद्रीय और राज्य सुरक्षा पोर्टलों के जरिए सूचनाओं का मिलान और सटीक विश्लेषण किया जाएगा।
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने बताया कि उत्तराखंड पुलिस यह बड़ा अभियान महिलाओं, बुजुर्गों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए चला रही है। इस पूरे अभियान की निगरानी की जा रही है और हर स्तर पर जिम्मेदारी तय की गई है। अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्राइम के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपराध को बिल्कुल बर्दाश्त न करें और पूरी ईमानदारी से काम करें।

RIZWAN AHSAN

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