आईये आप फिर से हम इंसान बने, लेखिका- शबा खान

आईये आप फिर से हम इंसान बने
सुख-दुख की एक दूसरे की पहचान बने I
एक दूसरे के होठों की मुस्कान बने
ह से हिंदू म से मुस्लिम मिलकर हम
और हमसे हमारा हिंदुस्तान बने I
मैं तेरी गीता पढ़ लूं तू मेरा कुरान पढ़ ले I
एक दूसरे के लिए मोहब्बत की मिसाल बने
तू भगत सिंह मैं सफीउल्लाह खा बनू
तू सुखदेव मै अब्दुल कलाम बनू ल
मोहब्बत के रंग मे रंगकर मोहब्बत का पैगाम बने
तू मेरी ईद मना ले मै तेरी होली
आ मिलकर गले सारी दूरिया मिटा ले ल
कुदरत भी मोहब्बत का यही पैगाम दे रही
एक ही महीने मे होली, रमजान दे रही
एक मीठे से मिलकर बना दूसरा रंगों से
दोनों खूबसूरत त्यौहार हमें मिला है ल
खूबसूरत हम दोनों को हिंदुस्तान मिला है ल
आपस मे मिलकर रहना है, ना की लड़ना है
ज़ो लड़ाते है दोनों को उनके मक़सद को समझना हैl
आपस मे मिलकर देश के दुश्मन से लड़ना है l
ज़ो देश का दुश्मन है वो सबका दुश्मन है l
उनकी साज़िश को नाकाम करना है l
प्यारे वतन को दुश्मनो से बचाना है l
उनकी आपस मे लड़ाने की चाल को नाकाम करना है l नफरत कि बीज निकाल फेकनी है
वतन मे मोहब्बत की लहेर लानी है l
फिर वही गंगा जमुना की तहेजीब होगी l
फिर वही राधा की चोली सलमा सिलेगी l
मस्जिद मे अज़ान मंदिर मे आरती साथ होगीl
दुश्मन की नफरत नाकाम होगी l
होली ईद एक साथ होगी l
रंगों से खूबसूरत बनेगा हिंदुस्तान l
शबा खान ✍️🌹🤲
























