अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर बरेका में कवियत्री सम्मेलन व होली मिलन समारोह का आयोजन

महिला दिवस पर काव्य की गूंज और होली के रंगों से सराबोर हुआ कार्यक्रम ||
महिला दिवस पर कवियत्रियों ने काव्य पाठ से बांधा समां,होली मिलन भी हुआ ||
बरेका पुस्तकालय में महिला दिवस पर कवियत्री सम्मेलन और होली मिलन समारोह ||
काव्य,संस्कृति और होली के रंगों से सजा महिला दिवस का भव्य आयोजन ||
महिला सम्मान और साहित्य की गूंज के साथ मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस ||
कवियत्री सम्मेलन में रचनाकारों ने काव्य पाठ से श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध ||
महिला दिवस पर कवियत्रियों की काव्यधारा और होली मिलन का रंगारंग कार्यक्रम ||
साहित्यकारों ने काव्य पाठ से होली और महिला दिवस को बनाया यादगार ||
काव्य पाठ और होली मिलन के साथ मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस ||
वाराणसी :- संस्थान बरेका द्वारा आयोजित तथा काशी काव्य संगम के सहयोग से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर संस्थान पुस्तकालय में कवियत्री सम्मेलन व होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया | इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ मुक्ता ने किया | इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार एवं रंगकर्मी डॉ मंजरी पांडे तथा विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार डॉ रचना शर्मा व डॉक्टर संगीता श्रीवास्तव रही | सारस्वत अतिथि के रूप में भोपाल से पधारी वरिष्ठ साहित्यकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता अनुपमा श्रीवास्तव “अनुश्री” रही |
कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने मां सरस्वती के फोटो पर माला अर्पण व पुष्प अर्पित किया तत्पश्चात दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम को प्रारंभ किया | इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्ष डॉ मुक्ता ने कहा कि आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर संस्थान बरेका व काशी का संगम द्वारा हम महिलाओं को जो सम्मान दिया है उसके लिए हम महिलाएं उनको साधुवाद देती हैं हम महिलाएं जीवन रूपी गाड़ी के दो पहियों में से एक पहिया है यदि एक भी पहिया इधर से उधर हो जाए तो पूरा जीवन अस्त व्यस्त हो जाता है इसलिए पुरुषों को महिलाओं का सम्मान तो करना ही चाहिए साथ ही साथ हम महिलाओं को भी पुरुषों का सम्मान करना चाहिए | हम लोगों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि शास्त्रों में भी वर्णित है जहां नारी का सम्मान होता है वहां सुख समृद्धि आती है आज होली मिलन भी किया जा रहा है |
होली भी पूरे समाज को संदेश देता है कि हम अपने सारे बैर भाव-द्वेष भूल का आपस में गले मिलकर पूरे समाज व देश को मानवता और प्रेम से आगे बढ़ाते रहे ।इस अवसर पर अन्य वक्ताओं ने भी अपने -अपने विचार रखे तत्पश्चात कवियत्री सम्मेलन प्रारंभ किया गया | कवियत्री सम्मेलन में निम्न कवियत्रियों व कवि ने काव्य पाठ किया |
साधना शाही,करुणा सिंह,डा.नसीमा निशॉ,अनु मिश्रा,उषा पाण्डेय,प्रो.इशरत जहां,मीनू अग्रवाल,डॉ संगीता श्रीवास्तव, डॉ मुक्ता,रंजना झा,डॉ मंजरी पांडे,डॉ रचना शर्मा,अनुपमा श्रीवास्तव अनुश्री, शाइस्ता,गणेश सिंह प्रहरी,परमहंस तिवारी,गिरीश पाण्डेय,जय प्रकाश मिश्रा धानापुरी,प्रदीप कुमार,ऋतु दीक्षित,बृजेन्द्र अग्रहरि,श्रेयांश पाठक,विजय आनंद, बीएल प्रजापति,एस जे दीक्षित,अमर सिंह,आस्तिक शुक्ला,प्रतीक पाठक, आदित्य सिंह,काली शंकर उपाध्याय, अखलाक खान भारतीय,आलोक सिंह बेताब इत्यादि रचनाकारों ने अपनी अपनी काव्य रचनाओं से ऐसा शमा बांधा कि पूरा माहौल होली के रंगों से जैसे सराबोर हो गया | पूरे कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर नसीमा निशा व ऋतु दीक्षित ने किया |
कार्यक्रम के आरंभ में अतिथियों का स्वागत संस्थान के सचिव आलोक कुमार सिंह ने तथा अंत में धन्यवाद ज्ञापन पुस्तकालय सचिव आनंद राय ने किया |कार्यक्रम के संयोजक अरविंद तिवारी, रवींद्र यादव,अखिलेश कुमार,अखिलेश राय और रमेश चंद्र जैसल रहे ||




























