वाराणसी/उत्तरप्रदेश

अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ऑन एनिमल बायोलॉजी चैलेंजेस एंड ऑपर्चुनिटीज (ICAB-2026) का हुआ उद्घाटन

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विषयों की सीमाओं से आगे बढ़कर कार्य करना होगा- कुलपति प्रो.अजीत कुमार चतुर्वेदी

यह अंतर्क्रिया ही विज्ञान को नई दिशा प्रदान करती है और नए विचारों एवं सहयोग की नींव रखती है – प्रोफेसर सुमित होम चौधरी

आज के समय में हमें किसी भी विषय की सीमाओं से परे जाकर सोचना और कार्य करना होगा – प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी

वाराणसी :- काशी हिंदू विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग द्वारा कोलकाता की जूलॉजिकल सोसाइटी के सहयोग से आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ऑन एनिमल बायोलॉजी चैलेंजेस एंड ऑपर्चुनिटीज (ICAB-2026) का उद्घाटन समारोह 29 जनवरी गुरुवार को प्रो.एस.एस.जोशी हॉल केमिस्ट्री विभाग में संपन्न हुआ | इस तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (29-31जनवरी 2026) में देश-विदेश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक,शोधकर्ता और छात्र शामिल हो रहे हैं | कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी कुलपति काशी हिंदू विश्वविद्यालय ने की | सम्मेलन संयोजक प्रोफेसर स्वाति मित्तल ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि सम्मेलन में भारत के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में प्रतिभागी आए हैं उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं और शोधकर्ताओं का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि यह विविधता ही हमारे सम्मेलन को और समृद्ध बना रही है | जूलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया कोलकाता के प्रोफेसर सुमित होम चौधरी ने अपने संबोधन में वैज्ञानिकों के बीच इनरैक्शन पर जोर दिया | उन्होंने कहा कि यह अंतर्क्रिया ही विज्ञान को नई दिशा प्रदान करती है और नए विचारों एवं सहयोग की नींव रखती है |

जन्तु विज्ञान विभाग के कार्यवाहक प्रमुख प्रोफेसर ए.के.सिंह ने जंतु विज्ञान विभाग की समृद्ध विरासत,वर्तमान शोध गतिविधियों,अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और प्रमुख उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी उन्होंने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न शोध क्षेत्रों जैसे एक्वेटिक बायोलॉजी,एंडोक्रिनोलॉजी, मॉलिक्यूलर बायोलॉजी आदि का उल्लेख किया | डीन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस प्रोफेसर राजेश कुमार श्रीवास्तव ने सभी प्रतिभागियों का बनारस शहर में स्वागत किया उन्होंने इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस की प्रमुख उपलब्धियों,राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सहयोग,उच्च गुणवत्ता वाले शोध प्रकाशनों और अकादमिक उत्कृष्टता को विस्तार से बताया |

कुलपति बीएचयू प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी ने अपने सम्बोधन में कहा की आज के समय में हमें किसी भी विषय की सीमाओं से परे जाकर सोचना और कार्य करना होगा | मुझे अत्यंत प्रसन्नता है कि यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ठीक इसी दिशा में काम कर रहा है हमारे बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में भी इसी प्रकार का अंतर्विषयक दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है मैं सभी बाहर से आए हुए शोधकर्ताओं से अनुरोध करता हूँ कि वे बीएचयू के विभिन्न विभागों का भ्रमण करें,प्रयोगशालाओं को देखें और भविष्य में संभावित सहयोग विकसित करें |

समारोह के समापन पर डॉ.गीता जीवतराम ने सभी प्रमुख अतिथियों, वक्ताओं,आयोजन समिति के सदस्यों तथा प्रतिभागियों के प्रति हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया |

उद्घाटन समारोह के तुरंत बाद सम्मेलन का औपचारिक तकनीकी सत्र शुरू हो गया जिसमें कीनोट एड्रेस,प्लेनरी लेक्चर्स, मेमोरियल लेक्चर्स,आमंत्रित व्याख्यान, पोस्टर प्रस्तुतियाँ और छात्र प्रस्तुतियाँ शामिल हैं | सम्मेलन में एक्वेटिक बायोलॉजी,बायोकेमिस्ट्री,सेल बायोलॉजी, एंडोक्रिनोलॉजी,इकोफिजियोलॉजी, मॉलिक्यूलर टैक्सोनॉमी,वाइल्डलाइफ बायोलॉजी आदि क्षेत्रों पर चर्चा हुई ||

Sallauddin Ali

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