AIRA NEWS NETWORK – क्या आप कभी सोच सकते हैं कि कोई ऐसा भी बिजनेस हो सकता है जिसमें कि आप मीट की होम डिलीवरी करके करोड़पति या उससे ऊपर अरबपति बन सकते हैं लेकिन या कहीं और नहीं अपने देश में सच साबित हुआ है हम बात कर रहे हैं एक ऐसी कंपनी की जो की मछली सी-फूड जैसे एनिमल प्रोटीन को डायरेक्ट ग्राहकों तक पहुंचाता है जिसमें वह किसी भी थर्ड पार्टी का उपयोग नहीं करता है इस स्टार्टअप का नाम लीशियस है जो कि भारत का 29वां यूनिकॉर्न बन गया है।
मीट की बिक्री करने वाली कंपनी ने कहा है कि इस कंपनी का वैल्यूएशन एक अरब के ऊपर हो चुका है जिसमें कि 95 फ़ीसदी हिस्सा वेबसाइट और ऐप के माध्यम से आता है हम आपको बता दें कि लीशियस कंपनी डायरेक्ट टू कस्टमर सेगमेंट पर काम करती है और अपना कारोबार इसी के माध्यम से बहुत तेजी से भारत में बढ़ा रही है।
आखिर क्या है डायरेक्ट टू कस्टमर कारोबार ( Direct-to-Coustomer)
Direct-to-Coustomer कारोबार इस तरीके का कारोबार होता है, जिसमें कि ऐसी ब्रांड होते हैं जो कि अपने प्रोडक्ट को सीधे ग्राहकों तक पहुंचाते हैं, इसमें वह किसी भी थर्ड पार्टी पर निर्भर नहीं होते हैं जिसमें मैन्युफैक्चरर प्रोड्यूसर होलसेलर फिर ग्राहक रिटेलर शामिल होता है ऐसे लंबी चैन का उपयोग डायरेक्ट कस्टमर कारोबार में नहीं किया जाता है।
मीट की होम डिलीवरी करने वाली कंपनी की शुरुआत
ब्रांड की शुरुआत आज से 6 साल पहले हुई थी कंपनी फार्म टू फोर्क बिजनेस मॉडल पर काम करती है, इसका मतलब कंपनी पूरे सप्लाई चैन को खुद ही नियंत्रण करती है जिसमें कि वह मार्केटिंग से लेकर बिक्री तक पूरा नियंत्रण अपने पास ही रखती है कंपनी के संस्थापक अभय हंजुरा और विवेक गुप्ता हैं।
ब्रांड अपना कारोबार भारत में बहुत तेजी से आगे बढ़ा रहा है जिसमें कि वह अभी तक भारत में लगभग 14 शहरों में पहुंच चुका है कंपनी ने पिछले 1 साल में कारोबार में 500 फीसदी से भी ज्यादा की ग्रोथ देखी है। भारत में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि डायरेक्ट टू कस्टमर कारोबार 2025 तक $25 अरब के ऊपर जा सकता है।
भारत में पिछले 5 सालों में ऐसे स्टार्टअप हुए हैं जो कि बहुत तेजी से ग्रोथ कर रहे हैं और आगे आने वाले समय में या और तेजी से बढ़ेगा।


















