करनाल – लघु सचिवालय के गेट के सामने पिछले तीन दिन से धरने पर बैठे किसानों को जिला प्रशासन ने लगातार दो दिन बातचीत के लिए बुलाया, बातचीत में कोई सुलह नहीं हो सकी। आंदोलनकारी अपनी बात को मनवाने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश करते रहे, परंतु बैठक में प्रशासन की ओर से यह प्रस्ताव रखा गया कि इस समाधान के लिए अफसरों व किसानों की संयुक्त कमेटी बनाई जाए जो दोषी निकलेगा उस पर कार्यवाही होगी।
इस सर्वमान्य प्रस्ताव को भी आंदोलनकारियों ने दरकिनार कर दिया। तीसरे दिन भी आंदोलनकारियों का धरना जारी है, लेकिन प्रशासन द्वारा धैर्य और संयम का परिचय देते हुए किसानों से बातचीत करने के रास्ते खुले रखे हैं। लगातार किसानों से जिला प्रशासन द्वारा धरना समाप्त करने की अपील की जा रही है। जिले में कानून व्यवस्था बिल्कुल ठीक है। सभी कार्यालयों में कार्य सुचारू रूप से चल रहा है।
उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि प्रशासन खुद किसानों को वार्ता के लिए बुलावा भेजता है। परंतु आंदोलनकारी सिर्फ एक ही बात पर अड़े हुए हैं तत्कालीन एसडीएम को सस्पेंड किया जाए। बैठक में आंदोलनकारियों से साफ कहा गया कि सरकार द्वारा अधिकारी व कर्मचारियों पर कार्यवाही करने के कुछ नियम बनाए गए हैं, नियमों के तहत बिना जांच के किसी भी अधिकारी को सस्पेंड नहीं किया जा सकता।
दूसरे दिन बुधवार को करीब तीन घंटे आंदोलनकारियों की 15 सदस्सीय कमेटी को वार्ता के लिए बुलाया गया। बैठक में फिर आंदोलनकारियों ने वही पहले दिन वाली तत्कालीन एसडीएम को सस्पेंड करने की मांग रखी।


















