AIRA NEWS NETWORK – पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) ने शुक्रवार को कहा कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अंतरिम लाभांश (डिविडेंड) के रूप में सरकार को 887 करोड़ रुपए का भुगतान किया है। एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, महारत्न कंपनी ने कहा, “यह भारत सरकार को पहले और दूसरे अंतरिम लाभांश के रूप में दिए गए 333 रुपए करोड़ और 370 करोड़ रुपए के अतिरिक्त है।”
शेयरों का प्रदर्शन
शुक्रवार को कंपनी के शेयरों में तेजी देखने को मिली थी। कंपनी के शेयर 1.05 या 0.94% ऊपर 112.50 रुपए पर बंद हुए थे। हालांकि पिछले एक महीने की बात करे तो कंपनी के शेयरों में गिरावट देखने को मिली है।एक महीने पहले सौंपने के शेयर 121 रुपए पर थे अभी यह 112 रुपए पर कारोबार कर रहे हैं। अंतरिम लाभांश RTGS (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह को रविंदर सिंह ढिल्लों, सीएमडी, पीएफसी द्वारा, सचिव, विद्युत मंत्रालय, आलोक कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में प्रस्तुत किया गया था।
शेयरधारकों को 2,838 करोड़ का अंतरिम लाभांश
कंपनी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, “तीसरा अंतरिम डिविडेंड 60% यानि 6 रुपये प्रति इक्विटी शेयर प्रत्येक का अंकित मूल्य 10 रुपए, 11 फरवरी 2022 को हुई अपनी बैठक में निदेशक मंडल द्वारा घोषित किया गया था। इसके साथ, पीएफसी ने अब तक वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए अपने शेयरधारकों को 2,838 करोड़ रुपये की राशि के अंतरिम लाभांश का भुगतान 107.5% यानी 10.75 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंकित मूल्य पर किया, जो कि पीएफसी द्वारा भुगतान किया गया अब तक का सबसे अधिक लाभांश है।”























