विधानसभा चुनाव कोटद्वार – विधानसभा चुनाव के मध्य नजर राजनीतिक हलचल जहां एक और तेज हो गई हैं ,,वहीं दूसरी तरफ कोटद्वार को सांस्कृतिक बनाने का जिम्मा लेकर कोटद्वार की राजनीति में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में दाखिल मिशन सांस्कृतिक कोटद्वार के संयोजक पूर्व सैनिक सुनील बहुखंडी जी अपने अलग ही अंदाज में जनता के बीच पहुंच रहे हैं। विगत डेढ़ साल पहले कोटद्वार में बाहरी अपराधी तत्वो की वोट बैंक के लिए घुसाईं गई बड़ी आबादी और उनका पहाड़ों में जाकर अपराधिक हरकतें करते हुए देवभूमि को कलंकित करने का प्रयास को देखकर व अपने नेताओं द्वारा इनको वोट बैंक के रूप में लगातार बसाने का काम करते देख आम जनता जहां त्रस्त हुई ,,वहीं दूसरी ओर नेताओं इसे कमाई का जरिया समझ कर बसाने मे सहयोग करने लगा।
कोटद्वार में जन सुविधाओं की घोर उपेक्षा करने वाले विधायक और भ्रष्ट हो चुकी व्यवस्थाओं के मध्य नजर लगातार दलदल हो चुकी दलगत राजनीति को बदलने और एक सांस्कृतिक वातावरण समाज में स्थापित करने के उद्देश्य से मिशन सांस्कृतिक कोटद्वार 2022 का अभियान प्रारंभ किया गया। पूर्व सैनिक सुनील बहुखंडी जोकि मूल रूप से कोटद्वार से है और कोटद्वार की हर गली हर चौराहे पर बचपन से लेकर अब तक समाज कार्य करते आये ,,उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार किया और अपने साथ निरंतर जनता को जोड़ने का कार्य प्रारंभ किया।
इस श्रृंखला में मिशन सांस्कृतिक कोटद्वार की टीम लगातार पूर्व सैनिकों मातृशक्ति और समाज के सभी वर्गों अध्यापकों अधिवक्ताओं श्रमिकों से लेकर हर वर्ग तक अपनी पकड़ बना चुके हैं। लगभग 35 से अधिक लघु जनसभाएं और नुक्कड़ बैठक में आयोजित करके कोटद्वार की जनता में अपनी संस्कृति के प्रति एक नई जागृति जगाने वाले श्रीमान सुनील बहुखंडी की जनसभाएं बहुत आकर्षक और अर्थ पूर्ण होती हैं |
जिनका समाज में बहुत अच्छा प्रभाव देखने में आ रहा है |विशेषकर पूर्व सैनिक बंधु और मातृशक्ति का बड़ा रुझान और समर्थन सुनील बहुखंडी जी की जनसभाओं में देखा गया है।
यही नहीं इस दौरान उन्हें मातृशक्ति और पूर्व सैनिकों की ओर से आर्थिक रूप से सहयोग भी किया जा रहा है। सुनील बहुखंडी जी ने इसके लिए अलग ही कार्य प्रणाली निकाली है। वह अपने मतदाताओं से आशीर्वाद स्वरुप पांच चीजों का संकलन करते हैं। ये 5 चीजे है-नाम ,पिता का नाम ,कांटेक्ट नंबर, प् रेसिडेंट ऑफ और ₹21/- उनकी रणनीति कोटद्वार की राजनीति में बहुत ही लोकप्रिय और सराहनीय मानी जा रही है कि उन जैसा साधन हीन एक सामान्य पूर्व सैनिक किस तरह से दलदल हो चुकी कोटद्वार की दलगत राजनीति के सामने डटकर अपनी जनता के हित लेकर खड़ा है।
इसके अलावा मिशन सांस्कृतिक कोटद्वार के अतिरिक्त मातृ शक्ति संगठन के तौर पर उनकी प्रेरणा से ही शकुंतला ग्रुप पूर्व सैनिकों को संगठित करने के लिए संगठित सैन्य शक्ति ग्रुप ( SSS)और नौजवानों को कोटद्वार की समस्याओं में अवगत कराने और उन्हें कोटद्वार के नवनिर्माण में भागीदारी देने के लिए भी, YOUNGSTERS # MSK2022 संगठन चलाया जा रहा है ,, ये सारे संगठन 2022 के इस अभियान में उनके सहयोग में निरंतर जुटे हुए देखे जा रहे हैं। कोटद्वार की जनता आज उन्हें कोटद्वार के भावी सशक्त नेतृत्व के रूप में स्वीकार करती दिखाई दे रही है, और उन्हें निरंतर अपना आशीर्वाद सहयोग और समर्थन मिल रहा है।
राजेश सिंघल की रिपोर्ट


















