27 सितंबर को भारत बंद को लेकर 34 स्थानों के लिये सूचना एवं गाइडलाइन जारी
बिजनौर – संयुक्त किसान मोर्चा के आहवान पर 27 सितंबर को होने वाले भारत बंद को लेकर भाकियू जिलाध्यक्ष चौधरी कुलदीप सिंह ने जनपद में चिंहित 34 स्थानों पर बंद लगाने के लिये सूचना एवं गाइडलाइन जारी करते हुए पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी है। इसके तहत चांदपुर-धनौरा मार्ग पर बागडपुर में रोहताश सिंह, जलीलपुर मुख्य चौराहे पर हुकुम सिंह, चाँदपुर-बास्टा मार्ग पर कौशल्या के महिपाल सिंह, स्याऊ छाछरी लदुपुरा की कल्याण सिंह, बिजनौर चांदपुर मार्ग रौनिया में अशोक कुमार, चांदपुर थाना चौराहे पर अशोक कुमार, बालकिशन पुर चौराहे पर उदयवीर सिंह, गोलबाग चौराहे पर नितेन्द्र सिंह प्रधान, दारानगर गंज में डालचंद प्रधान
नगीना-बढापुर मार्ग मुख्य नगर चौराहे पर धर्मवीर सिंह, नहटौर-नूरपुर मार्ग पर बालापुर में देवेन्द्र सिंह, नहटौर-धामपुर मार्ग पर गांगन नदी के पुल पर विजयपाल सिह, फुलसंदा में सदीप कुमार, नहटौर-चांदपुर मार्ग सदरूद्दीन नगर में संजीव कुमार, बिजनौर-कोतवाली मार्ग पीली चौकी पर मोन्टी कुमार, बिजनौर-मण्डावर मार्ग पीतमद्वार पर विजयपाल सिंह, बिजनौर-चंदक मार्ग पर दौलतपुर में डॉ.विजयपाल सिंह, स्योहारा थाना चौक की गजेन्द्र सिंह, अफजलगढ चौराहे पर दर्शनपाल सिंह फौजी, धामपुर-नहटौर मार्ग पर गजुपुरा में दुष्यंत राणा, धामपुर-नूरपुर मार्ग पर नींदडू मेंराजेन्द्र सिंह, पुरैनी चौराहे डॉ.योगेन्द्र सिंह, अकबराबाद चौराहे पर बलजीत सिंह, कोतवाली-नहटौर मार्ग पर शहबाजपुर में मुनेश कुमार
बिजनौर-कोतवाली मार्ग पर बान का पुल पर समरपाल सिंह, बिजनौर-किरतपुर मार्ग पर हुसैनपुर में भोपाल राठी, मण्डावली चौराहे पर अवनीश चौहान, नांगलसोती चौराहे पर राजवीर सिंह काकरान, नजीबाबाद-बूंदकी मार्ग पर लालपुर में महेन्द्र सिंह, नूरपुर शहीद चौक पर लक्ष्मीनारायण शर्मा, फीना-नौगांव मार्ग व मुराहट मार्ग पर मलूक नागर, किरतपुर-नगीना चौराहे पर अरविन्द राजपूत व नगीना-रायपुर मार्ग तिराहे पर वीर सिंह डबास को बंद लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबकि जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह बौराज रोड पर कान्हा फार्म पर स्वयं रहकर जिम्मेदारी संभालेगें।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के तीनों काले कृषि कानूनों के खिलाफ 27 सितंबर के भारत बंद के लिए शीर्ष नेतृत्व द्वारा दिशा निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि भारत बंद पूर्णरूप से शांतिपूर्ण होगा और आंदोलनकारी किसान यह भी सुनिश्चित करेगें कि जनता को कम से कम असुविधा का सामना करना पड़े। उन्होंने कहा कि यह किसान आंदोलन किसान की फसलों और नस्लों को बचाने का आंदोलन है तथा किसानों पर थोपे गए काले कृषि कानूनों को केंद्र सरकार जब तक वापस नहीं ले लेती है हम किसान व मजदूर के हित के लिए आंदोलन जारी रखेगें।


















