नहटौर – मामला जनपद बिजनौर के गाँव ढकौली का है। जहाँ दो दिन तक हुई मूसलाधार वर्षा के कारण सोमवार की सायं करीब चार बजे ढकौली निवासी झुन्नू कश्यप पुत्र मगन सिंह का कच्ची ईंटों से बना मकान भर भराकर गर गया। जिससे एक गाय भी उसके मलवे में दबकर घायल हो गई। जिसे ग्रामीणों ने बमुश्किल मलवा हटाकर बाहर निकाला तथा उपचार कराया। गनीमत रही कि उस समय परिवार का कोई सदस्य मकान में नहीं था अन्यथा बडी जनहानि हो सकती थी। बताते चलें कि झुन्नू का परिवार नितांत गरीब है और वह स्वयं सांस की बीमारी से ग्रसित है। जिस कारण वह मजदूरी करने में भी असमर्थ है।
वह खजूर की झाड़ू बनाकर तथा उसकी पत्नी गाय का दूध बेचकर किसी तरह अपने परिवार की गुजर बसर करते हैं। नितांत गरीबी के कारण उसका परिवार एक मात्र कच्चे मकान के सामने पन्नी डालकर जीवन यापन करने को मजबूर है। पूछने पर छुन्नू व उसकी पत्नी ने बताया कि सरकार की ओर से गरीबों के मकान बनवाये जा रहे हैं जिनका उन्हें कोई लाभ नहीं मिला। उन्होंने बताया कि गाँव में उनके ही मकान बनावाएं जा रहे हैं जिनके पहले से ही पक्के मकान बने हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आवास योजना भष्ट्राचार की भेट चढ चुकी है। गरीबों को आशयाने नसीब नहीं हो रहे हैं जबकि रिश्वत के बल पर काश्तकारों के मकान बनवाए जा रहे हैं।
इस संबंध में ग्राम प्रधान अनीता ने बताया कि आवासों की सूची उनके कार्यकाल से पहले की है। उसी के आधार पर मकान बन रहे हैं। यदि नयी सूची बनाने के आदेश आते हैं तो निष्पक्ष रूप से उन्हीं लोगों के आवास बनवाये जायेगें जो पात्र हैं। यहाँ बडा सवाल यह है कि आखिर तीन-तीन स्तरों पर जाँच होने के बाद भी गरीब सूची से बाहर कैसे है और अपात्रों के मकान कैसे बन रहे हैं। इससे लगता है कि कहीं न कहीं कुछ न कुछ गड़बड़ी तो है। पीड़ित परिवार ने अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है।
रिपोर्ट : महकार सिंह तोमर


















