जनपद बिजनौर – नगीना-धामपुर मार्ग पर पर अगर आप अपना निजी वाहन लेकर निकलते है। तो उस वाहन से एक साईड का शुल्क 150 रुपये लिया जा रहा है। जब ये पता लगता है।तो काफी काफी देर वहाँ से जो निकलते है।और टोल की पर्ची काट रहे कर्मचारियों में बेहस हो जाती है।अब बहस का विषय क्यो ना बने वहाँ जो बड़ा लिस्ट का बोर्ड लगा है।
उस पर बड़े बड़े अक्षरो में लिखा है।परन्तु जो लिस्ट बोर्ड लगा है।उससे देखा जाए तो दुगना शुल्क बसूला जा रहा है।जब हमारी टीम न वहाँ काफी देर तक ये सब कुछ देखा तो जानकारी लेनी चाही तो पहले कोई भी कर्मचारि कुछ भी बात बताने को तैयार नही नही हुआ लेकिन कुछ देर बाद एक कर्मचारी न बताया हमारे सर कन्ट्रोल रूम में बैठे है।तो हमारी टीम कन्ट्रोल रूम में पहुंच गई।
वही बैठे इन जनाब से हमारी आईरा वार्ता टीम न सवाल करने सुरु किये सबसे ये पता किया लोकल का एरिया आपने कितना तय किया तो हमे बताया कि यहाँ से 20 किलो मीटर तक का एरिया लोकल का माना जायेगा दूसरा सवाल अगर किसी वाहन मे मरीज हो तो किया शुल्क उस वाहन से शुल्क लिया जायेगा तीसरा सवाल जब वहां लगे लिस्ट बोर्ड पर कार का शुल्क 75 रुपये एक है। बस व ट्रक का शुल्क 245 मिनी बस 115 लिखा है।परन्तु वसुला दोगना जा रहा है।आखिर ऐसा कियो तो सारी बात टेगोफास्ट पर बतानी सुरु करदी की अगर किसी के वाहन पर टेगोफास्ट नही होता तो पेनाल्टी लग जाती है।
इस लिए दोगुना कर वसूलते है।अगर मरीज एम्बुलेंस में है।तोहि तो 75रुपये लेकर जाने दिया जायेगा हमने फिर दुवारा से पता किया अपनी पिर्सनल गाड़ी से मरीज का किराया माफ नही किया जायेगा पेहले तो तो इनकार कर दिया लेकिन बाद में कहा कि कम पैसे लेकर मरिज को जाने दिया जायेगा अगर कोई लोकल का व्यक्ति भी अपने चारपहिया वाहन से टोल पर पहुंच जाता है।तो टेगोफास्ट बना होगा तो सही है।वरना लोकल के चारपहिया वाहनो से भी 150 रुपये शुल्क देना होगा तभी वो आगे जापायँगे हमने आपको जानकारी दी nh 74 हाइवे की ये हाइवे उत्तराखंड को उत्तराखंड से जोड़ता है।और अभी पूर्ण रूप से निर्माण नही हुआ है। टोल चालू करदिया गया है। वहां कर्मचारी भी बिना मास्क के दिखाई दिए।
मन्दीप कुमार जोशी की रिपोर्ट




























