जिला बाल कल्याण समिति बच्चों को अपराध मुक्त परिवेश देने के लिए प्रतिबद्ध

करनाल – जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष उमेश चानना ने शनिवार को स्थानीय महाबीर दल अस्पताल के सामने से मात्र एक साल की निशक्त बच्ची पूजा वालिया जोकि उसके अपने ही बाप हेमंत वालिया और मां आशा वालिया द्वारा भिक्षावृत्ति में धकेल दी गई थी, को रेसक्यू किया। जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष उमेश चानना ने मां और बाप दोनों के खिलाफ जेजे एक्ट 76 और जेजे एक्ट 85 के तहत मुकदमा दर्ज करवाया और दोनों को करनाल के सिटी थाना में गिरफ्तार करवाया और चेतावनी दी कि बच्चों के प्रति किसी भी तरह का अपराध करने वाले व्यक्ति को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिला बाल कल्याण समिति बच्चों को अपराध मुक्त परिवेश देने के लिए प्रतिबद्ध है, भविष्य में ऐसे अपराध करने वाले कानूनी कार्यवाही के लिए तैयार रहें। बता दें कि हेमंत और आशा वालिया दोनों ही सदर बाजार के रहने वाले हैं और प्राईवेट नौकरी करते हैं। यह दोनों अपनी बच्ची महाबीर दल के सामने भिखारियों के पास छोड़ आते थे और उसके नाम पर इकट्ठा होने वाला पैसा ले आते थे। वे दोनों रोज सुबह शाम को बच्ची को भिाखारियों के पास छोड़ आते थे। जिला बाल कल्याण समिति ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्यवाही की।
इस मौके पर जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष उमेश चानना ने कहा कि कोई भी बच्चा परिवार से न बिछड़े इसके लिए मिलकर प्रयास करने होंगे। बस या ट्रेन में अकेले जा रहे छोटे बच्चों से पूछना चाहिए कि वह कहां जा रहा है और कहां से आया है। यदि लगे कि वह परिवार से बिछड़ गया है तो इसकी सूचना 100 नम्बर पर या चाईल्ड हैल्पलाईन नम्बर 1098 पर अवश्य दें, ताकि बच्चे के साथ भविष्य में कोई आपराधिक घटना न घटे और उसे परिवार से मिलाया जा सके। इस मौके पर बाल कल्याण समिति की सदस्या निरूपमा सदर, एएसआई संदीप हैड कांस्टेबल विनोद मौजूद रहे


















