संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण G20 समिट में लखीसराय के अनुराग आनंद ने लहराया परचम

लखीसराय – संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण क्रार्यक्रम की ओर से गुरुवार को युवाओं को सशक्त बनाने तथा हरित और वृताकार अर्थव्यवस्था के लिए शिक्षा और क्षमता निर्माण पर जी-20 ऑनलाइन कार्याशाला का आयोजन किया गया।कार्याशाला में औपचारिक गौर औपचारिक शिक्षा और ग्रीन जॉब्स प्रतिभागी शामिल हुऐ।बिहार प्रदेश से भारत स्काउट और गाइड लखीसराय से एक प्रतिनिधि किये गए शामिल अन्य जिलों में सारण जिला से एक वैशाली जिला-6 और कटिहार से एक प्रतिनिधि हुऐं।
क्रायक्रम का शुभारंभ करते हुए रॉबर्ट सिंगोलानी ने कहा कि आज के समय में युवाओं को कोविड-19 वायरस की इस लड़ाई में मजबूती से विश्व में सभी युवाओं को आगे आना चाहिए,साथ ही भविष्य में ऐसी स्थितियों से लड़ने हेतु शिक्षा के साथ मजबूती से युवाओं को कार्य करनें के लिए संबल बनाना होगा। युएनईपी के इन गेलेकोर अंडरसें ने कहा कि अभी वर्तमान समय में छात्र एवं युवा वर्ग ऑनलाइन प्लेटफार्म में अपनी इच्छा अनुकूल पाठ्यक्रम का चुनाव कर रहे हैं।
युवाओं को इस वर्तमान समय में खुशी एवं आनंद के साथ आगे की तैयारी करनी चाहिए एवं अपने मार्गदर्शक से मार्गदर्शन लेते रहना चाहिए।भारत स्काउट और गाइड वैशाली जिले के जिला संगठन आयुक्त ऋतुराज ने कहा की कार्यशाला में यूएनईपी जी-20 युवा नेताओं और विशेषज्ञों ने विस्तार से चर्चा की।कुछ प्रमुख विषयों पर विचार विर्मश किया गया जिसमें औपचारिक शिक्षा,अनौपचारिक शिक्षाऔर भविष्य को फिर से तैयार करनें के लिए क्षमता निर्माण पर बल दिया गया।
वैशाली से जिला संगठन आयुक्त ऋतुराज के अलावे रोवर लिडर उमेश कुमार प्रसाद सिंह,जिला सलाहकार प्रमोद कुमार साहनी, स्काउट लिडर आर्यन कुमार ऋत्विक राज आशीष कुमार लखीसराय जिला से राज्यपुरस्का प्राप्त सिनियर स्काउट नोडल अनुराग आनंद,कटिहार जिला से रोहित कुमार,सारण जिला से आशीष रंजन एडवांस स्काउट मास्टर ने भाग लिया।
इतालवी प्रेसिडेंसी और यूथ 20 के बीच सहयोग का हिस्सा
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण क्रायक्रम का यह क्रायक्रम यूएनईपी कि इतलावी प्रेसिडेंसी और यूथ 20 के बीच एक सहयोग का हिस्सा है।ताकि यह पता लगाया जा सके कि युवाओं और शिक्षा क्षेत्र की प्रमुख मांगे क्या है साथ ही किसी सामुहिक रुप से औपचारिक और अनौपचारिक शिक्षा एजेंडा कैसे बढ़़ सकता हैं।
राज्यपुरस्का प्राप्त सिनियर स्काउट अनुराग आनंद ने कहा कि इसके माध्यम से यह जानकारी प्राप्त हुई कि कैसे सदस्य राज्य औपचारिक और अनौपचारिक शिक्षा क्षेत्रों के माध्यम से युवाओं को सिखने,समझने और एक पर्यावरणीय मानसिकता विकसित करने और हरित और परिपत्र रोजगार सृजित करनें के लिए युवाओं के साथ काम करने की भूमिका का सर्मथन कर सकते है आज का परिवेश में हमारा पर्यावरण प्रदूषित हो चूंका है।पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त करनें हेतू युवाओं के मानसिकता को विकसित कर एक स्वच्छ पर्यावरण का निर्माण करना इसका मुख्य उदेश्य हैं।


















