टीकाकरण से रोकथाम की जा सकने वाली बीमारियों की नियमित निगरानी से सम्बंधित कार्यशाला का आयोजन
करनाल – कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज, करनाल के निदेशक डॉ जगदीश दुरेजा के मार्ग दर्शन में हाल ही में संस्थान में कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के तत्वाधान में वैक्सीन प्रिवेंटेबल डिसीज सर्विलांस (वीपीडी सर्विलाँस) अर्थात् टीकाकरण से रोकथाम की जा सकने वाली बीमारियों की नियमित निगरानी से सम्बंधित एक कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसके अंतर्गत संस्थान के विभिन्न विभागों को इससे संबंधित विषय पर जानकारी देकर जागरूक किया गया। डॉ दुरेजा ने अपने प्रेषित सन्देश में कहा कि इस तरह से आयोजित की जाने वाली कार्यशालाओं से चिकित्सकों को चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नए घटनाक्रम और उनके बारे में विस्तृत जानकारी मिलती है और अंतत: इससे समाज को ही लाभ मिलता है। उन्होंने इस कार्यशाला के लिए शुभकामनाएं देते हुए खुशी जाहिर की।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर डॉ विजय खनग्वाल ने कहा कि किसी भी बीमारी को नियंत्रित करने के लिए ठोस आंकड़े चाहिए ताकि उन आंकड़ों का आंकलन करके इन रोगों से निपटने के लिए प्रभावी नीतियां बनाई जा सके। उन्होंने कार्यक्रम में शिरकत कर रहे विश्व स्वास्थ्य संगठन के सर्विलांस मेडिकल अधिकारी डॉ अविरल शर्मा का स्वागत किया।
कम्युनिटी मेडिसिन के विभागाध्यक्ष और संस्था के जन-स्वास्थ्य जागरूकता के नोडल अधिकारी डॉ राजेश गर्ग ने कार्यक्रम के शामिल स्वास्थ्य विभाग करनाल से जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ नीलम वर्मा और डॉ अभय के साथ मौजूद सभी चिकित्सकों का स्वागत किया। डॉ राजेश गर्ग ने कहा कि मौजूदा दौर में वैज्ञानिक तरीके से आंकड़ों को एकत्रित करने और उन पर यथोचित निर्णय लेने से ही रोगों पर नियंत्रण संभव है। खासकर टीकाकरण से रोकी जा सकने वाली बीमारियों यथा पोलियो, खसरा, काली खांसी, गलघोटू (डिप्थेरिया), टिटनेस , पीलिया (हेपेटाइटिस बी) आदि के सम्बन्ध में जब तक रिपोर्टिंग सुदृढ़ नहीं होगी तब तक कोई बीमारी किस सीमा तक समाज में फैली है इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है और इस आधी अधूरी जानकारी के साथ प्रभावी नीतियां नहीं बनाई जा सकती। इसलिए उन्होंने नियमित रूप से इन बीमारियों की रिपोर्टिंग पर बल देते हुए निगरानी तंत्र (सर्विलांस) को रोग नियंत्रण की आधारशिला बताया।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से करनाल जिले का कार्य देख रहे डॉ अविरल शर्मा में विस्तार से इन सभी बीमारियों के बारे में मौजूद डाक्टरों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चूँकि कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन हजारों मरीज आते हैं तो इस अस्पताल से इन बीमारियों की रिपोर्टिंग से काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा की खासकर मेडिसिन, बालरोग, त्वचा रोग, नाक-गला रोग विभाग, एमरजेंसी विभाग आदि में इन टीकाकरण से रोके जा सकने वाली बीमारियों के मरीज सबसे ज्यादा आते हैं और इसीलिए इन विभागों को खास अहतियात बरतनी होगी और कोई भी ऐसा मरीज आता है जिनमें इन बीमारियों के लक्षण मिले या फिर चिकित्सक को अगर इन बीमारियों का जरा सा भी शक हो तब भी वे इनके बारे में रिपोर्टिंग करें ताकि इनकी पूरी तहकीकात की जा सके और सही आंकड़े विभाग के पास उपलब्ध हों और यथोचित कार्यवाही अमल में लाई जा सके। डॉ अविरल ने इस विषय में भरे जाने वाले रिपोर्टिंग फार्म भी मौजूद चिकित्सकों को समझाए।
कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग की ही असिस्टेंट प्रोफैसर डॉ नीतिका शर्मा को संस्थान में इस बाबत नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है ताकि वो संस्थान के विभिन्न विभागों और जिला टीकाकरण अधिकारी के बीच समन्वय का कार्य कर सकें। संस्थान के निदेशक डॉ जगदीश दुरेजा ने इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के लिए प्रशंसा प्रेषित की और कहा कि कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज हर तरीके से आमजन के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर है और सरकार द्वारा चलाए जा रहे हर तरह के स्वास्थ्य कार्यक्रम में अहम भूमिका निभा रहा है और आगे भी निभाता रहेगा। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ अमनदीप सिंह और डॉ जुगेश चटवाल आदि ने शिरकत की। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ मंजू रानी, डॉ प्रीति अरोड़ा और स्टाफ के अन्य सदस्य सुशील, अमित, रिक्की आदि ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।


















