नामी स्कूलों में दौड़ रहीं 25 साल पुरानी अनफिट गाड़ियां, सीएनजी किट लगाकर बच्चों की जान से खिलवाड़, प्रशासन मौन

काशीपुर / उत्तराखंड (रिज़वान अहसन ),,,,काशीपुर ऒर महुआ खेड़ा गंज के नामी-गिरामी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को ताक पर रखकर 20 से 25 साल पुराने वाहनों का संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि फिटनेस सेंटरों में कथित सेटिंग-गेटिंग के जरिए अनफिट गाड़ियों को फिट घोषित कर दिया जाता है, जिससे नियमों और मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
बिना पासिंग अवैध सीएनजी किट, नियमों का उल्लंघन
सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि पेट्रोल वाहनों में बिना आरटीओ से पासिंग कराए अवैध रूप से सीएनजी किट लगाकर स्कूली बच्चों को ढोया जा रहा है। परिवहन विभाग के जानकारों और सूत्रों का दावा है कि स्कूल वाहनों में सीएनजी किट की अनुमति नहीं है, इसके बावजूद शहर में ऐसे दर्जनों वाहन बेरोकटोक सड़कों पर दौड़ रहे हैं। सीएनजी किट से हादसे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
“सेटिंग से सब चलता है” – ट्रांसपोर्टरों का दावा
सूत्रों के अनुसार, कुछ स्कूल ट्रांसपोर्टरों का खुलेआम कहना है कि “सेटिंग से सब चलता है, कुछ नहीं होगा।” यही वजह है कि मीडिया में खबरें छपने के बाद भी प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाती है। कुछ दिन बाद वही पुराने और अनफिट वाहन दोबारा सड़कों पर नजर आने लगते हैं।
प्रशासन पर उठे सवाल
बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन के पास इन वाहनों की जांच करने का समय नहीं है या फिर पूरा मामला गोलमाल का है? स्कूली बच्चों की सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामले में विभाग की चुप्पी कई संदेह पैदा कर रही है।
अभिभावकों में भारी आक्रोश
इस पूरे मामले को लेकर अभिभावकों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि बच्चों की जान से लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठा है। अभिभावकों ने मांग की है कि जनपद के सभी स्कूल वाहनों की निष्पक्ष जांच कर अवैध, अनफिट और नियम विरुद्ध संचालित वाहनों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही दोषी फिटनेस सेंटरों और अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो।


















