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धामपुर मामले पर सुप्रीम कोर्ट से उठी आवाज-संविधान बचाओ ट्रस्ट ने CM से की सख्त कार्रवाई की मांग-संरक्षक मनोज कुमार ने भेजा प्रतिनिधित्व-निर्दोष परिवारों की सुरक्षा व निष्पक्ष जांच पर जोर

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धामपुर मामले पर सुप्रीम कोर्ट से उठी आवाज-संविधान बचाओ ट्रस्ट ने CM से की सख्त कार्रवाई की मांग-संरक्षक मनोज कुमार ने भेजा प्रतिनिधित्व-निर्दोष परिवारों की सुरक्षा व निष्पक्ष जांच पर जोर
धामपुर/बिजनौर
धामपुर (पुराना धामपुर) में 14 मार्च को हुई घटना के बाद मामला अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट, नई दिल्ली स्थित “संविधान बचाओ ट्रस्ट” के संरक्षक मनोज कुमार ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर पूरे मामले में तत्काल, निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
खास बात यह है कि यह प्रतिनिधित्व सीधे
“134, एम.सी. सीतलवाड़ ब्लॉक, न्यू लॉयर्स चैंबर, सुप्रीम कोर्ट, नई दिल्ली” से भेजा गया है, जिससे मामले की गंभीरता और भी बढ़ गई है।


“अपराध का कोई धर्म नहीं” – मनोज कुमार
अपने पत्र में मनोज कुमार ने साफ कहा कि:
“अपराधी का कोई धर्म या जाति नहीं होती”
कानून को सिर्फ वास्तविक दोषियों के खिलाफ ही सख्त कार्रवाई करनी चाहिए
निर्दोष लोगों को किसी भी प्रकार के उत्पीड़न से बचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है


उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व मामले को साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, जो कानून-व्यवस्था के लिए खतरा है।
महिलाओं और बच्चों में डर का माहौल है
ट्रस्ट ने अपने पत्र में विशेष रूप से उल्लेख किया कि:
क्षेत्र में महिलाओं और बच्चों के बीच भय का माहौल है
प्रशासन को तुरंत सुरक्षा का भरोसा बहाल करना चाहिए
सभी कार्रवाई संविधान और मानवता के दायरे में होनी चाहिए
संविधान बचाओ ट्रस्ट ने प्रशासन से 3 बड़ी मांगें रखीं:
निर्दोष परिवारों का गरिमापूर्ण पुनर्वास हो
सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो
जांच केवल असली आरोपियों तक सीमित रखने की मांग


प्रशासन पर बढ़ा दबाव
इस प्रतिनिधित्व की कॉपी DM और SP बिजनौर को भी भेजी गई है,
धामपुर की घटना अब सिर्फ स्थानीय मुद्दा नहीं रही, बल्कि सुप्रीम कोर्ट से जुड़े सामाजिक संगठन के हस्तक्षेप के बाद यह मामला राज्य स्तर की संवेदनशील स्थिति बन गया है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर कितनी जल्दी और कितनी निष्पक्षता से कार्रवाई करता है।

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