बाहरी लोग चला रहे हैं सरकारी दफ्तर आरटीओ कार्यालय में बाहरी लोगों का है बोल वाला, अधिकारी मौन

बाहरी लोग चला रहे हैं सरकारी दफ्तर आरटीओ कार्यालय में बाहरी लोगों का है बोल वाला, अधिकारी मौन
जनपद एटा
उत्तर प्रदेश एटा- उपसंभागीय कार्यालय (एआरटीओ कार्यालय) में प्राइवेट कर्मियों के प्रवेश और कर्मचारियों से सेटिंग कर काम कराने के मामले थम नहीं रहे हैं। किसी ने बाइक पर ही दुकान सजाई है तो कोई सड़क के किनारे खड़े होकर सेटिंग कर रहा है। ऐसे में विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है।
शासन के तमाम आदेशों और सख्ती के बाद भी आरटीओ कार्यालय में अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्यप्रणाली सुधरने का नाम नहीं ले रही है।

जनपद एटा में RTO दफ्तरों में अवैध रूप से बाहरी अथवा किराये के लोग काम कर रहे हैं। यही नहीं, उनके हाथ में गोपनीय रिकार्ड भी होते हैं। ये नंबर दो के कार्यों का एक तरह से ठेका लेते हैं और कमीशन में नीचे से लेकर ऊपर तक की हिस्सेदारी होती है। जिनकी अंदर तक घुसपैठ रहती है। लेकिन स्टाफ की कमी के नाम पर आपसी सहमति से कुछ बाहरी आदमी भी काम कर रहे हैं। कंप्यूटर ऑपरेट करने से लेकर फाइलों का रखरखाव भी ये करते हैं। आरटीओ दफ्तर में दलालों का जमाबाड़ा लगा रहता है। इनकी अंदर तक पैठ होती है, जो वैध-अवैध काम का ठेका लेते हैं। पार्टियों से इन्हीं बाहरी लोगों अथवा दलालों के जरिये डील होती है। ज्यादातर मामलों में अधिकारियों को भी जानकारी होती है
जनपद एटा में आरटीओ कार्यालय में अक्सर आरआई ऑफिस में प्राइवेट आदमी सरकारी कामकाज निपटाते हुए नजर आ रहा हैं जिस पर अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं हैi


















