वाराणसी/उत्तरप्रदेश

ढाई दशक बाद भी मिल रही है तारीख पे तारीख: संवासिनी प्रकरण की सुनवाईं अब 28 मई को

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ढाई दशक बाद भी मिल रही है तारीख पे तारीख: संवासिनी प्रकरण की सुनवाईं अब 28 मई को

⚡️वाराणसी। ढाई दशक पुराने संवासिनी प्रकरण में कांग्रेसी नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में धरना प्रदर्शन व सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोपी कांग्रेस प्रवक्ता व राज्य सभा सांसद रणदीप सुरजेवाला मामले में प्रभारी एमपी/एमएलए रजत वर्मा की अदालत में शनिवार को भी सुनवाई टल गई, सुप्रीमकोर्ट में दाखिल याचिका सूचीबद्ध न होने से अब 28 मई को अगली सुनवाई होगी। सुरजेवाला के अधिवक्ता संजीव वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का हवाला देकर बताया कि सुरजेवाला की गिरफ्तारी पर स्थगन आदेश प्रभावी है। इस मामले में सुरजेवाला के खिलाफ स्थानीय अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया था, जिसके खिलाफ सुप्रीमकोर्ट में याचिका लंबित है, सुरजेवाला की तरफ से आरोप से डिस्चार्ज किये जाने का अनुरोध स्थानीय अदालत में किया गया है जिसके लिए केस डायरी और अन्य अभियोजन प्रपत्र की मांग की गई है। अदालत में सुरजेवाला के हाजिर नहीं होने पर अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप नहीं बन पा रहा ऐसे में अदालत ने सुरजेवाला के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है जिसके खिलाफ सुरजेवाला की तरफ से सुप्रीमकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। जिसपर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रणदीप सिंह सुरजेवाला के याचिका पर सुनवाई करते हुए उनके विरुद्ध स्थानीय न्यायालय द्वारा सभी कार्यवाहियों पर रोक लगा दी गई है। अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट यह कहा है की अग्रिम सुनवाई तक यह आदेश प्रभावी रहेगा और रणदीप सिंह सुरजेवाला के अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का हवाला देते हुए कहा कि अग्रिम सुनवाई न होने के करण स्थानीय न्यालायल द्वारा किसी भी प्रकार की कोई भी कार्यवाहीं ना करने का आदेश अग्रिम सुनवाई तक के लिए रोक लगा दी है। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में स्थानीय न्यालालय द्वारा कोई भी कार्यवाही नही की जा सकती।

राज मुकीत

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