नग्न प्रदर्शन ने देश का नहीं अपितु विदेश का भी ध्यान खींचा इस शर्मनाक घटना के पीछे आखिर कौन..?

छत्तीसगढ़– नंगा आया हूं नंगा ही जाऊंगा लेकिन नंगा होना कहां तक उचित नंगा से खुदा डरता हैं लेकिन सरकार डर नही रही छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नग्न प्रदर्शन ने देश क हीं नहीं अपितु विदेश का ध्यान खींचा इस शर्मनाक घटना के पीछे आखिर कौन
हेमंत वर्मा आईरा प्रदेश अध्यक्ष एक्सक्लूसिव पड़ताल राजनांदगांव
कहते हैं इस दुनिया में इंसान नंगा आता है और नंगा ही चले जाता है नंगा से खुदा डरता हैं और न जाने कितने किस्से कहानी नंगों से भरे पड़े हैं परंतु आप लोग सोच रहे होंगे यह सब बात करने का आखिर तर्क क्या है दरअसल छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एसटी एससी वर्ग के कुछ युवाओं ने छत्तीसगढ़ में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे लोगों पर कोई कार्यवाही नहीं होने से नाराज होकर विरोध प्रदर्शन स्वरूप नग्न होकर प्रदर्शन किया हालांकि पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया लेकिन तब तक लाइव फुटेज पुरे सोशल मीडिया और टीवी चैनल में पहुंच गया था और इस नग्न प्रदर्शन ने संपूर्ण देश का ध्यान इस ओर आकर्षित किया हमारे देश में लोकतंत्र है लोकतंत्र की खूबसूरती है कि आप देशभर में कहीं पर भी अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन जुलूस इत्यादि कर सकते हैं इसका मतलब नग्न होकर प्रदर्शन भी कर सकते हैं ऐसा कतई उचित नहीं है इधर इस घटनाक्रम से राजनीतिक दलों में सन्नाटा पसरा हुआ है प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री श्री डहरिया ने कहा कि यह पिछली सरकार की लापरवाही है इसी तरह प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा है कि यह भूपेश सरकार की नाकामी है दरअसल फर्जी मार्कशीट और फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी करने वालों को कोर्ट से भी राहत मिलती है यही वजह है कि ऐसे फर्जीवाड़ा करने वालों पर कोई कार्यवाही नहीं हो पाती हाल ही में छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में फर्जी शिक्षा कर्मी की नियुक्ति का मामला सामने आया था बताया जाता है कि उक्त शिक्षक बार बार जेल जाता है और फिर जमानत हो जाता है और हाई कोर्ट से स्टे ले आता है ऐसे में शासन भी मजबूर हो जाता है कुछ इसी तरह का मामला है आज का यह नग्न प्रदर्शन युवाओं का आरोप है कि लंबे समय से उनकी जाति का फर्जी सर्टिफिकेट बना कर कुछ लोग नौकरी कर रहे हैं जिस पर शासन प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रही है उनका हक मारा जा रहा है इतना ही नहीं कुछ लोग तो फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे रिटायर भी हो गए हैं लेकिन विरोध प्रदर्शन करने का इस तरीके को बिल्कुल भी समर्थन नहीं किया जा सकता क्या यह ब्लू फिल्म चल रही है ब्लू फिल्में भी आपत्तिजनक कंटेट आने पर दृश्यों को झिलमिला जाता है इसी तरह बिना अंडरवियर के पूरी दुनिया नंगी है लेकिन क्योंकि हम इंसान हैं सभ्यता और संस्कृति हमारी पूंजी है जो युवक प्रदर्शन कर रहे थे क्या उसके घर बहन बेटी नहीं है उनके भाई बहन या पिता उनको इस दृश्य में देखे होंगे उन्होंने कैसा फील महसूस किया होगा प्रचार पाने की और भी बहुत सारे तरीके हो सकते हैं लेकिन बेशर्म ओ की तरह पूरी तरह नग्न होकर सार्वजनिक जगह पर प्रदर्शन करना पूरी तरह गलत है इंसान इस दुनिया में नंगा ही आता है और नंगा ही चला जाता है लेकिन नंगाई करना कहां तक जायज है कहते हैं नंगा से खुदा भी डरता है लेकिन सरकार क्यों नहीं डर रही है अभी बड़ा सवाल है इसका जवाब शायद ही मिल पाएगा हेमंत वर्मा की कलम से


















