रक्तदान करने से हम किसी का जीवन बचा सकते है :- अश्वनी जैन

मंडल प्रभारी आशीष पचौरी
रक्तदान करने से हम किसी का जीवन बचा सकते है :- अश्वनी जैन
फिरोजाबाद/सिरसागंज
इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के आजीवन सदस्य अश्वनी कुमार जैन ने द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टेड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की आगरा शाखा द्वारा अपने विभाग के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित आगरा के समर्पण ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर में रक्तदान करते हुए बताया कि विपरीत परिस्थितियों में भी जरूरतमंदों को पहुंचता रहा रक्त, इस भावना से रक्तदान एक महादान है। रक्तदान करने से स्वंय को एक विशिष्ट सुखद अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि व्यक्तियों में रक्तदान के विषय में कुछ गलतफहमियां जैसे रक्तदान करने से शरीर कमजोर हो जाता है और उस रक्त की भरपाई होने में समय लगता है, नियमित रक्त दान करने से रोगों की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाने के कारण उन्हें बीमारियां शीघ्र जकड़ लेती है। उन्होंने बताया कि रक्तदान के सम्बंध में चिकित्सा विज्ञान बताता है कि वह व्यक्ति जिसकी उम्र 18 वर्ष से 60 वर्ष के मध्य एवं वजन 45 किलोग्राम से अधिक हो, जिसे एच आई वी, हैपैटाइटिस बी या सी जैसी बीमारी न हुई हो, वह रक्तदान कर सकता है। एक बार में जो 350 मिलीग्राम रक्त दिया जाता है, उसकी पूर्ति शरीर में 24 घण्टे के अन्दर हो जाती है और गुणवत्ता की पूर्ति 21 दिनों के अन्दर हो जाती है। प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति तीन माह में एक बार रक्तदान कर सकता है।
रक्तदान के इस अवसर पर द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टेड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की आगरा शाखा के पदाधिकारियों विवेक अग्रवाल, आयुष गोयल, विकास जैन आदि ने प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान करके अश्वनी जैन, प्रियांशु जैन एवं अन्य रक्तदाताओं को सम्मानित किया।


















