ज्ञान ही परमात्मा का स्वरूप है, धर्म के रास्ते पर चलने वाला व्यक्ति ही कर सकता है मानवता का कल्याण-प्रमुख सचिव परिवहन।

आईरा न्यूज़ नेटवर्क मैनपुरी से सुबोध कुमार
ज्ञान ही परमात्मा का स्वरूप है, धर्म के रास्ते पर चलने वाला व्यक्ति ही कर सकता है मानवता का कल्याण-प्रमुख सचिव परिवहन।
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना गरीब परिवारों के होनहार, मेधावी छात्रों के लिए वरदान साबित हो रही, निःशुल्क कोचिंग प्राप्त कर प्रतिभावान छात्र उच्च पदों को कर रहे सुशोभित- महानिदेशक उपाम।
मैनपुरी – प्रमुख सचिव परिवहन, महानिदेशक उपाम एल. वेंकटेश्वर लू ने कलेक्ट्रेट सभागार में कर्मयोग, अभ्युदय योजना, सड़क सुरक्षा विषयक संगोष्ठी में उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं, विद्यालय प्रबंधकों, शिक्षकों, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस देश को आजाद कराने के लिए असंख्य वीर शहीदों ने अपने प्राणों की आहुति दी लेकिन आज छोटी-छोटी बातों, थोड़ी सी भूमि के टुकड़े के लिए भाई-भाई, पड़ोसी-पड़ोसी की हत्या कर रहा है, एक-दूसरे का दुश्मन बना हुआ है, अपना पूरा जीवन न्यायालय के चक्कर काट-काट कर बर्बाद कर रहा है, ऐसे लोगों के बीच जिले के प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक, संभ्रांत व्यक्ति जाकर कर्मयोग के बारे में बताएं, आपसी-सुलह, समझौते के आधार पर एक दूसरे के बीच त्याग की भावना पैदा कर मेरिट के आधार पर समस्याओं का निपटारा करें ताकि दोनों पक्ष खुशी के साथ अपना जीवन-यापन कर सकें। उन्होंने कहा कि माया-मोह में फंसकर अपने जीवन को बर्बाद न करें, माया का मोह व्यक्ति को जीवन में गलत मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करेगा, माया मोह में फंसा इंसान पूरे जीवन भटकता रहेगा और उसे कभी भी आत्म संतुष्टि नहीं मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि सच्चाई के रास्ते पर चलने वाले को ईश्वर सामर्थ्यवान बनाता है, अच्छे कर्मों का फल मनुष्य को हमेशा मिलता है, इसलिए सभी लोग अपने जीवन में अच्छे कर्म करें, मानवता की भलाई के लिए कार्य करें तभी जीवन सार्थक होगा, शांति-सुख-संपदा, धर्म का मार्ग अपनाने में है, अधर्म के रास्ते पर चलने वाला जीवन भर भटकता है लेकिन धर्म के रास्ते पर चलने वाला हमेशा समाज, परिवार, प्रदेश, देश के लिए प्रेरणादायी होता है।
प्रमुख सचिव परिवहन ने कहा कि परिवार, समाज, प्रदेश, देश के सर्वांगीण विकास के लिए सभी को ऋषि-मुनियों के विचारों को समझना होगा, अपने भीतर के विकारों को दूर करना होगा तभी मानव का कल्याण होगा, जहां पवित्रता हैं, वहीं ईश्वर वास करता है, जिस व्यक्ति ने स्वार्थ छोड़ दिया वही पवित्र है, मेरा-तेरा करने वाला व्यक्ति हमेशा अन्याय करता है, धर्म के रास्ते पर चलने वाले उदार मन रखते हैं और वह सब की भलाई के लिए सोचते हैं।उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर रहे गरीब परिवारों के मेधावी छात्रों के लिए वरदान सिद्ध हो रही है अब इस योजना के तहत निःशुल्क कोचिंग पाकर प्रतिभावान छात्र अपने जीवन में अग्रसर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में सरकारी विभागों में योग्यता के आधार पर नौकरियां मिल रही है, सभी भर्ती बोर्ड द्वारा पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं आयोजित कराकर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है, भर्ती प्रक्रियाओं से भ्रष्टाचार, भेद-भाव, अवैध धन के लेनदेन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा है। उन्होने कहा कि विद्यालयों में छात्रों को शैक्षिक वातावरण मिले, विद्यालयों में अनुशासन हो, शिक्षक सिर्फ छात्रों को डिग्री दिलाने के लिए नहीं बल्कि उन्हें ज्ञानवान, आदर्शवान, संस्कारवान बनाने की दिशा में काम करें, निष्ठा के साथ पूर्ण मनोयोग से अपने छात्रों को अपनी बौद्धिक क्षमता का लाभ प्रदान करें, उन्हंे सही मार्ग प्रशस्त कर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।
जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि आज अधिकारियों, कर्मचारियों के बीच काम का दबाव, छात्रों के बीच प्रतियोगातत्मक परीक्षाओं के कारण तनाव, व्यापारियों में व्यवसाय को लेकर तनाव की स्थिति बनी रहती है, अधिकांश लोग तनाव में आकर अपने जीवन को बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शरीर कर्म करने के लिए मिला है, आत्मा ही सब कुछ है, शरीर के लिए भोजन जरूरी है लेकिन आत्मा का भोजन सद् वचन है, सर्व ज्ञान से ही आत्म को संतुष्टि मिलती है, इसलिए सभी लोग तनाव से दूर रहें, अपनी आत्मा की ज्योति को जलाकर रखें, तभी आपका जीवन सार्थक होगा, अपने जीवन को एक खिलाड़ी की भांति जिएं, ऐसा कर्म करें जिससे आपको संतुष्टि, खुशी मिले, जिसके लिए कर्म किया गया हो, उसे भी लाभ मिले और आप द्वारा किया गया कर्म सामाजिक रूप से भी उपयोगी हो, अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें, जीवन में उन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा।
श्री सिंह ने कहा समाज के हर वर्ग के व्यक्ति को अपने अस्तित्व को पहचानने की आवश्यकता है, क्या हम इस हाड़-मॉस, अस्थ्तियों के बने हुये शरीर मात्र हैं या शरीर से इतर भी कोई हमारा अस्तित्व है, जब हम कहते हैं, कि मेरा हाथ, मेरा कान इत्यादि जो यह कहता है वह कहने वाला कौन है, यह ’’मै’’ कौन है। उन्होने बताया कि यदि शरीर ही मै है तो एक जिंदा और मरे हुये शरीर में फर्क क्यूं हैं, यह फर्क ही हमारा अस्तित्व हैं, मै एक चैतन्य, दिव्य स्वरूप आत्मा है, जो भ्रिकुटी के बीच में विराजमान है, यही हमारा अस्तित्व है, यह शरीर हमे कर्म के लिए मिला है, इसे समझ आते ही आनंद, ज्ञान के द्वार स्वतः खुल जायेंगें।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने सड़क सुरक्षा, कर्मयोग पर चर्चा करते हुए कहा कि मन की शांति बेहद जरूरी है, मन की शांति पाने का सबसे बेहतर तरीका कर्मयोग है। उन्होंने कहा कि आज का युवा वर्ग यातायात नियमों की अनदेखी कर रहा है, जिस कारण सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, युवा वर्ग के ओवर स्पीड, स्टंट, ईयर फोन के प्रयोग के कारण अधिकांश दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं। उन्होंने संगोष्ठी में उपस्थित छात्र-छात्राओं का आह्वान करते हुए कहा कि स्वयं यातायात नियमों का पालन करें साथ ही अपने परिजनों, आस-पड़ोस के लोगों को भी यातायात के नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें, अपने परिजनों को दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट, चार-पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग करने के लिए जागरूक करें, बिना हेलमेट के वाहन चलाने वालों, ओवर स्पीड से वाहन चलाने वालों को टोकें ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी आ सके।
अध्यक्ष भारत चरित्र निर्माण संस्थान नई दिल्ली राधा कृष्ण गोस्वामी ने मिशन कर्म योगी एवं अध्यात्मिक प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि सभी लोगों को गीता उपदेश को अपने मन में उतारना होगा, जो पाप है वही अधर्म है, परिवार, समाज, प्रदेश, देश का विकास हो यही धर्म है, जिस व्यक्ति में आत्म ज्ञान नहीं है वह अपने परिवार, समाज, देश, राष्ट्र का विकास नहीं कर सकता। उप परिवहन आयुक्त मयंक ज्योति ने कहा कि परिवहन विभाग यातायात को सुगम, सुरक्षित बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है, 2019 से लेकर 2023 के मध्य परिवहन विभाग द्वारा किए गए कार्यों, नियमित जागरूकता अभियानों के संचालन का परिणाम आज हमारे सामने हैं, सड़क दुर्घटनाओं में तेजी से कमी आई है। उन्होंने बताया कि 2019 में जनपद में 317 सड़क हादसे हुए जिसमें 303 लोग घायल हुए और 187 की मृत्यु हुई जबकि 2023 में अब तक 280 सड़क हादसों में 180 व्यक्ति घायल हुए जबकि 103 ने अपनी जान गवांयी।
जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार ने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के सम्बन्ध में बताया कि संघ लोक सेवा आयोग यूपीएससी, उ.प्र. लोक सेवा आयोग यू.पीपी.एस.सी, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग यूपी.एसएसएससी, अन्य भर्ती बोर्ड, नीट एनईईटी, जेईई, एनडीए की तैयारी हेतु जिला मुख्यालय पर रजनेश कॉन्वेंट स्कूल दीवानी के पास एवं तहसील कुरावली में श्री मलिखान सिंह इंटर कॉलेज में 01 जुलाई से 30 अपै्रल तक कोचिंग कक्षाएं संचालित होंगी, इस हेतु अब तक 200 आवेदन पत्र प्राप्त हो चुके हैं, प्रतियोगात्मक परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को तैयारी कराने के लिए 11 विषय विशेषज्ञों द्वारा आवेदन किये हैं, इसके अतिरिक्त जिले के अधिकारियों द्वारा भी समय-समय पर कोंचिग कक्षाओं में अपने अनुभव के आधार पर छात्रों का उत्साह वर्धन किया जायेगा।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार, अपर जिलाधिकारी राम जी मिश्र, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राजीव राय, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी एस.एन. मौर्य, उप जिलाधिकारी सदर नवोदिता शर्मा, सम्भागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन बी.के. सिंह, सम्भागीय अधिकारी प्रवर्तन के.डी. सिंह, उपायुक्त मनरेगा पी.सी. राम, उप कृषि निदेशक डी.वी.सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज वर्मा, उपायुक्त उद्योग मो. सऊद, आचार्य टीईपी सेंटर धीरेन्द्र यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपिका गुप्ता, जिला पंचायत राज अधिकारी अविनाश चन्द, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी शिवम यादव, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत ओ.पी. सिंह सहित अन्य अधिकारी, छात्र-छात्राएं, शिक्षक, विद्यालय प्रबन्धक, एनसीसी कैडेट्स आदि उपस्थित रहे।


















