खबरों की खबरदिल्लीन्यूज़ब्रेकिंग न्यूज़

पत्रकारों को सत्यापन कार्यवाही से डरने की आवश्यकता नहीं :आईरा इंटरनेशनल रिपोर्टर्स एसोसिएशन

WhatsApp Image 2026-04-18 at 09.08.39
previous arrow
next arrow

पत्रकारों को विभाग की सत्यापन कार्यवाही से डरने की आवश्यकता नहीं :आईरा इंटरनेशनल रिपोर्टर्स एसोसिएशन

पत्रकारिता समाज सेवा का एक माध्यम है जिसके लिए कार्यशैली का होना आवश्यक है किसी संस्था या संगठन से जुड़ना जरूरी नहीं

सभी डिजिटल एवं पोर्टल चैनलों के पत्रकार वेरीफिकेशन में सूचना विभाग का सहयोग करें

हापुड़- आपको बता दें कि कुछ दिन पहले जिलाधिकारी हापुर को ज्ञापन दिए जाने को लेकर पत्रकार एवं जिलाधिकारी के बीच एक सभा का आयोजन हुआ था जिसमें पत्रकारों ने अपनी पीड़ा जिलाधिकारी के सामने रखी थी जिसमें कुछ फर्जी पत्रकारों के जनपद में सक्रिय होने की बात भी कही गई पत्रकारों से हुई वार्ता को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी हापुड़ ने जनपद के सूचना विभाग को जनपद के सभी पत्रकारों के डाक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन करने के लिए निर्देशित किया है जिसको लेकर जनपद के पत्रकारों में एक डर एवं निराशा का माहौल बना हुआ है।

जिसको लेकर जनपद के पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधिमंडल द्वारा उपरोक्त मामले पर विचार विमर्श करते हुए कुछ बिंदुओं को स्पष्ट किया जिसमें आईरा इंटरनेशनल रिपोर्टरस एसोसिएशन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश महासचिव सुमत सिसोदिया द्वारा बताया गया कि जनपद के किसी भी पत्रकार को उपरोक्त कागजी प्रक्रिया से डरने की कोई जरूरत नहीं है बल्कि समस्त पत्रकारों को सूचना विभाग द्वारा की जाने वाली इस कार्यवाही में पूर्ण रूप से सहयोग करना है ।

जिससे कि जनपद में यहां-वहां पत्रकार का चोला पहने फर्जी आईडी एवं प्रेस कार्ड को गले में टांग कर घूम रहे असामाजिक सामाजिक तत्व की पहचान करने के बाद उन पर कड़ी कार्रवाई करके जेल भेजा जा सके।

साथ ही सुमत सिसोदिया ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वास्तव में पत्रकारिता समाज सेवा का एक माध्यम है और समाज सेवा के लिए किसी बैनर या संगठन की ठेकेदारी जरूरी नहीं बल्कि मन में समाज सेवा की भावना का होना आवश्यक है देश के किसी भी नागरिक को संविधान अभिव्यक्ति की आजादी प्रदान करता है एवं कोई भी व्यक्ति विशेष देश हित में अपने इस मौलिक अधिकार का उपयोग कर सकता है ।

लेकिन इसका यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि पत्रकारिता की आड़ में असामाजिक तत्व समाज में कालाबाजारी , भ्रष्टाचार एवं अराजकता फैलाये ।आईरा इंटरनेशनल रिपोर्टरस एसोसिएशन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश महासचिव सुमत सिसोदिया ने वार्ता में यह भी स्पष्ट किया कि भारत सरकार ने कभी नहीं कहा है कि डिजिटल एवं वेब पोर्टल धारक पत्रकार श्रेणी में नहीं आते हैं बल्कि जनता ने वेब मीडिया एवं डिजिटल मीडिया के बढ़ते हुए स्तर को देखते हुए सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इसको पत्रकारिता श्रेणी प्रदान करने के लिए कार्यवाही शुरू कर दी है जल्द ही देश ही नहीं अपितु संपूर्ण विश्व में सोशल मीडिया के अंतर्गत डिजिटल एवं पोर्टल चैनल अपना वर्चस्व कायम करते हुए सबसे बड़ी मीडिया इंडस्ट्री बनने जा रही है इसलिए एक बड़ी संख्या में देश के नौजवान इस इंडस्ट्री में अपना रोजगार तलाश रहे हैं।

साथ ही सुमत सिसोदिया ने यह भी स्पष्ट कर दिया की देश के कुछ चुनिंदा बड़े नाम चिन्ह प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के बैनर तेजी से बढ़ रहे सोशल मीडिया एवं पोर्टल चैनल संचालकों को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मान रहे हैं क्योंकि समाज में पोर्टल संचालकों के बड़े स्तर पर सक्रिय होने सेकुछ चुनिंदा नामचिन्ह मीडिया हाउस एवं सरकारी और निजी संस्थानों के बीच खबरों को लेकर होने वाली मांडवाली नहीं हो हो पा रही है जिससे यह नामचीन मीडिया हाउस दिल मिलाए हुए हैं और सोशल मीडिया एवं होटल संचालकों के खिलाफ एक मुहिम छेड़ने की कवायद में लगे हुए हैं लेकिन अपने बढ़ते हुए कद एवं आम जनता में तेजी से होते हुए विस्तार के चलते सोशल मीडिया इंडस्ट्री ने एक कीर्तिमान स्थापित कर लिया है जो भविष्य में नई ऊंचाइयों को छूने की ताकत रखता है अतः समस्त पत्रकारों से अपील है कि सूचना विभाग की कार्यवाही में सहयोग देते हुए सोशल मीडिया इंडस्ट्री डिजिटल चैनल एवं पोर्टल संचालकों के रूप में अपने अनुभव एवं मेहनत के चलते पत्रकारिता के माध्यम से अपनी समाज सेवा जारी रखें।

100% LikesVS
0% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button