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नौ साल से टूटा पुल न बना सकीं तीन-तीन सरकारें, पैर फिसलने से मां-बेटा पिंडर नदी में बहे

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उत्तराखंड चमोली आईरा न्यूज़ नेटवर्क राजेश सिंघल

कुमाऊं गढ़वाल की सीमा पर चमोली के देवाल ब्लॉक की महिला और उसका बेटा लकड़ी का अस्थायी पुल पार करते समय पैर फिसलने से पिंडर नदी में बह गए। कुछ देर बाद महिला का शव नदी किनारे मिल गया जबकि बेटे का पता नहीं चल पाया। एसडीआरएफ की टीम आज सुबह ही पहुंच गई थी और अपने काम में जुट गए। ब्लॉक प्रमुख दर्शन दानू ने बताया कि वर्ष 2013 की आपदा में हरमल-रामपुर झूला पुल बह गया था। तब से तीन सरकारें बदल गई, लेकिन यहां पुल का दुबारा निर्माण नहीं कराया गया। ऐसे में ग्रामीण हरमल से रामपुर और कुमाऊं के किलपारा गांव आने-जाने के लिए पिंडर नदी पर लकड़ी की अस्थायी पुलिया बनाकर आवाजाही कर रहे हैं। दोपहर करीब 2 बजे रामपुर गांव की हेमा देवी (38) पत्नी प्रतापराम अपने बेटे प्रवीण कुमार (15) के साथ मायके किलपारा से ससुराल रामपुर लौट रही थी। हरमल गांव के पास पिंडर नदी पर बनी पुलिया से गुजरते समय पांव फिसलने से दोनों नदी में बह गए। बेटे का पता नहीं, ग्रामीणों ने बताया कि आसपास मौजूद लोग उन्हें बचाने दौड़े, घटनास्थल से कुछ दूर रामपुर गांव के पास हेमा देवी नदी किनारे पत्थरों के बीच फंस गई। ग्रामीणों ने हेमा देवी को पत्थरों के बीच से निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। उसके बेटे प्रवीण का देर शाम तक पता नहीं चल पाया। घटना की सूचना प्रशासन को दे दी गई है। राजस्व उपनिरीक्षक प्रमोद नेगी ने बताया कि एसडीआरएफ को सूचित कर दिया गया है। शनिवार सुबह ही टीम पहुंच गई थी खोज जा रहा है
तीन किमी पहले ही हुआ हादसा, किलपारा से रामपुर की पैदल दूरी आठ किलोमीटर पैदल है। महिला और उसका बेटा करीब पांच किलोमीटर चल चुके थे। उनको रामपुर पहुंचने में मात्र तीन किलोमीटर और दूरी तय करनी थी लेकिन इसी दौरान हरमल के पास पुलिया से दोनों का पांव फिसल गया और वे नदी में बह गए।

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