9वें ब्रह्मपुत्र वैली फिल्म महोत्सव का समापन, असमिया अभिनेता प्रंजनल सैकिया को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड

गुवाहाटी, 8 दिसंबर, 2024: गुवाहाटी में 9वें ब्रह्मपुत्र वैली फिल्म फेस्टिवल (BVFF) का सफलतापूर्वक समापन हुआ, जो चार दिनों तक फिल्म, कहानी कहने की कला और रचनात्मक संवादों का उत्सव बना। 5 से 8 दिसंबर तक आयोजित इस फेस्टिवल ने फिल्मकारों, कलाकारों और सिनेप्रेमियों को एक मंच पर लाकर सिनेमा के विविध रूपों को प्रस्तुत किया।
फेस्टिवल का आखिरी दिन एक शानदार समापन समारोह के साथ सम्पन्न हुआ, जिसमें फिल्म उद्योग के उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित किया गया। इस दौरान विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कारों की घोषणा की गई।
पुरस्कारों की सूची:
● बेस्ट फीचर फिल्म का पुरस्कार बिबो बिनाओ (माइ थ्री सिस्टर) को मिला, जिसका निर्देशन केनी देओरी बसुमतरी ने किया।
● बेस्ट डायरेक्टर का पुरस्कार मणिपुरी फिल्म लंगडाई आमा (द जंक्चर) के निर्देशक बिनोरंजन ओइनम को मिला।
● बेस्ट शॉर्ट फिल्म का पुरस्कार गेरो फिल्म चांचिसोआ (ऍक्सपेक्टेशन) को दिया गया।
● बेस्ट डॉक्यूमेंट्री का पुरस्कार समीरन डेका की टीन्स ऑफ 1942 को मिला।
● लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड असमिया सिनेमा के महान अभिनेता प्रंजनल सैकिया को दिया गया, जिनकी सिनेमा के क्षेत्र में दीर्घकालिक और प्रेरणादायक योगदान ने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया है।
समापन समारोह की शुरुआत एक प्रेरणादायक मास्टरक्लास से हुई, जिसे प्रसिद्ध संपादक नितिन बैद ने संचालित किया। बैद ने मसान, गली बॉय, राजी और ‘83’ जैसी फिल्मों में संपादन कला से अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने “फिल्मों में संपादन के माध्यम से कहानी कहने की कला” पर अपने विचार साझा किए और फिल्म निर्माण में संपादक-निर्देशक के रिश्ते को समझने को महत्व दिया।
इसके बाद, प्रसिद्ध सिनेमेटोग्राफर श्रेया देव दुबे ने सिनेमाटोग्राफी के भविष्य पर विचार साझा किए, और बताया कि किस तरह कला और तकनीकी विकास मिलकर सिनेमा के दृश्यात्मक भाषा को नया आकार दे रहे हैं।
फिल्म निर्माता संदीप मोदी, जिन्होंने आर्या और ‘द नाइट मैनेजर’ जैसे प्रमुख शो निर्देशित किए हैं, उन्होंने “विभिन्न प्लेटफार्मों पर कंटेंट बनाने की कला” पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे अलग-अलग माध्यमों में कहानी कहने की शैली बदल रही है और किस तरह से यह नए दर्शकों तक पहुंचने का रास्ता खोलती है।
इस फेस्टिवल का एक प्रमुख आकर्षण नॉर्थ-ईस्ट इंडिया के उभरते फिल्मकारों के लिए आयोजित कार्यशालाएं और मास्टरक्लास थीं, जहां उन्हें फिल्म निर्माण, स्क्रिप्ट राइटिंग और लंबी फिल्म कथाओं के बारे में गहन जानकारी मिली।
इसके अतिरिक्त, थिएटर से OTT: असमिया परिपेक्ष्य पैनल चर्चा में असमिया अभिनेता रवि शर्मा और अक्षता नारायण ने थिएटर से OTT प्लेटफार्मों तक के परिवर्तन पर गहरी बात की, जबकि संदीप मोदी ने पहली फिल्म बनाने की अपनी यात्रा और उससे जुड़ी चुनौतियों को साझा किया।
समापन दिन की फिल्म स्क्रीनिंग में द अम्ब्रेलाज़ ऑफ शर्बर्ग’, (फ्रांसीसी क्लासिक) औरअंगम्मल जैसी दिल छूने वाली फिल्में शामिल थीं। रिमा दास की विलेज रॉकस्टार्स 2 और पायल कापड़िया की ‘ऑल वी इमेजन एज़ लाइट’ जैसी फिल्में भी दर्शकों के दिलों को छूने में सफल रही।
इस वर्ष का BVFF एक नए जोश के साथ संपन्न हुआ और भविष्य में अगले संस्करण के लिए और भी बड़े और बेहतर आयोजन का वादा किया। फिल्म और कला के प्रति अपने समर्पण और नए टैलेंट को मंच देने के प्रति BVFF की प्रतिबद्धता जारी रहेगी, और यह फिल्म प्रेमियों और फिल्मकारों के लिए एक प्रेरणास्त्रोत बना रहेगा।


















