हरकोफैड की 32वीं आम सभा का करनाल में हुआ आयोजन सभी एजेंडों को सदस्यों ने सर्वसम्मति से किया पास देशी खाने, पहनने व सामान के लगे स्टॉल

एस आर योगी
करनाल
हरकोफैड की 32वीं आम सभा का करनाल में हुआ आयोजन
सभी एजेंडों को सदस्यों ने सर्वसम्मति से किया पास
देशी खाने, पहनने व सामान के लगे स्टॉल
करनाल, 11 अक्तूबर। हरियाणा एग्रो एक्टपोर्ट हाउस हैफेड करनाल में हरकोफैड की 32वीं आम सभा का आयोजन किया गया। बैठक में मुख्य रूप से अतिरिक्त मुख्य संसदीय सचिव एवं हरकोफैड चेयरमैन सुधीर राजपाल ने वीसी के माध्यम से जुड़े। संस्था के डायरेक्टरों ने सहगीत गीत के साथ दीप प्रज्ज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। हरकोफैड की प्रबन्ध निदेशक सुमन बल्हारा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करके हुए मीटिंग के एजेंडों को पड़ा, मौजूद सदस्यों ने सर्वसम्मति से सभी एजेंडों पर सहमति जताई।
अतिरिक्त मुख्य संसदीय सचिव एवं हरकोफैड चेयरमैन सुधीर राजपाल ने कहा कि हरकोफैड सहकारिता की प्रचार-प्रसार संस्था है, जिसे समय के साथ अपनी कार्यशैली में बदलवाते हुए ऑनलाइन मॉड को अपनाना होगा। सहकािरता के क्षेत्र को आगे बढ़ाते हुए नए प्रयोगों को अपनाना होगा। सहकारिता मंत्रालय लगातार नई नीतियां लाकर सहकारिता को आगे बढ़ा रहा है। पैक्स को सीएससी, औषधि केन्द्र, पेट्रोल पंप, गैस एंजेसी दी जा रही हैं। उन्होंने बैठक में मौजूद सदस्यों को अपने-अपने क्षेत्र के गांवों के लोगों को जागरूक करने की अपील की।
प्रबन्ध निदेशक सुमन बल्हारा ने बताया कि वो ऑनलाइन योजना को पहले ही अपनाए हुए हैं। प्रदेश की सभी पैक्सों को ऑनलाइन खाद, बीज व ऑग्रेनिक सोसायटी के सदस्य बनने की ट्रेनिंग दी जा चुकी है। अब जल्द ही अन्य कार्यक्रमों को भी ऑनलाइन किया जाएगा। उन्होंने एजेंडों के बारे में बोलते हुए सबसे पहले पिछली बैठक की पुष्टि की, सामान्य निकाय बैठक के निर्णयों पर प्रकाश डाला, बेलेंस सीट व नए भवन के लिए फाइल चलाने का प्रस्तुत किया। इससे पहले कार्यक्रम में पहुंचे सभी सदस्यों को पुष्प गुच्छ से स्वागत किया गया। बैठक में हाउसफैड के प्रबन्ध निदेशक योगेश शर्मा ने कहा कि हमें अपनी संस्था हैफेड, शुगर मिल, डेयरी फैड व अन्य सोसाइटी की सेवाओं का पता होना चाहिए। अपने दैनिक प्रयोग में उनके प्रोडक्ट का प्रयोग करना चाहिए। इससे हमारे संस्थाओं को कारोबार बढ़ेगा और वो अपने खोए हुए अस्तीत को पा सकेंगे।
बैठक में निदेशक अनिल भयाना, निदेशक कुलदीप, निदेशक बलबीर सिंह, निदेशक लीलू राम, निदेशक केला देवी, निदेशक संतोष, निदेशक बीना देवी, सहकारी शिक्षा अधिकारी जगदीप सिंह मौजूद रही।
देशी खाने के लगे थे स्टॉल
कार्यक्रम के दौरान 10 स्टॉल लगाए गए थे। महेन्द्रगढ़ के स्टॉल पर बाजरा से बने लड्डू, बाजरा की खिचड़ी, बाजरा के मटर व मिट्ठी पूरी और ज्वार व मूंग की लड्डू को लेकर गायत्री व माया देवी आई हुई थी। गुरुग्राम की पूजा शर्मा मिलेट्स पदार्थों से बने बिस्कूट लेकर पहुंची, जो इस समय पूरे देश की पहचान बने हुए हैं। बहादुर की निर्मल ने जूट से तैयार हुए बैग, लंच बैग, हैंड पर्स, फाइल कवर, सिलिंग कवर, हेंगर व हैड कीट काफी आकर्षक कर रही थी। पंचकूला की वंदना व गुरजीत कौर भी हैंड मेड सामान लेकर पहुंची। जींद के सुभाष ने 40 प्रचार का आचार दिखाकर आचमबीत किया। करनाल के ज्योति नगर की कुलजीत कौर हेम बेकर के तौर पर पहुंची, जो बिना अंडे के केक बनाकर अपनी छाप छोड़ते हुए आगे रही। पदाना की संजू देवी व कमलेश ने ऊन से काने के वस्त्र व स्वेटर बनाए हुए थे। चिडाव मोड की राजवंती ने मिट्टी से तैयार किए हुए कप, पोट, बोतल, कप प्लेट, तवा को बेचा।


















