साधु पर छात्रा के अपहरण के प्रयास का आरोप, पकड़कर पुलिस को सौंपा

हल्दौर/बिजनौर। स्कूल से घर आते समय बुखार से पीड़ित एक मासूम छात्रा का एक साइकिल सवार साधु ने अपहरण करने का प्रयास किया ऐसा आरोप लगाया गया। छात्रा द्वारा शोर मचाने पर लोगों ने साधु को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। साधु ने अपने आप को बेकसूर बताया है। पुलिस भी मामले को गलतफहमी मान रही है। हल्दौर क्षेत्र के ग्राम अम्हेडा निवासी रुपचंद की दस वर्षीय पुत्री संध्या नूरपुर मार्ग स्थित गाँव के ही जूनियर स्कूल में कक्षा पांचवीं की छात्रा है। प्रतिदिन की भांति शनिवार को भी वह विद्यालय गई थी। बताया जाता है कि वहाँ उसे तेज बुखार आ गया। जिस कारण विद्यालय के अध्यापकों ने उसे घर भेज दिया। आरोप है कि जब छात्रा आपने घर लौट रही थी और चांदपुर चौराहे से अपने घर के लिए मुड़ी तो साईकिल सवार एक साधु ने छात्रा का पीछा कर उसे पकड़ने का प्रयास किया। जिस पर छात्रा शोर मचाती हुई भागकर ममता नामक महिला के घर में घुस गई और उसे साधु की हरकत के विषय में बताया। आनन-फानन में मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और साधु को पकड़ लिया। लोगों ने साधु से पूछताछ करनी शुरु की तो वह चकमा देकर भागने लगा लेकिन लोगों की भीड़ ने उसका पीछा कर उसे पुन: पकड़ लिया। ग्रामीणों ने साधु को गाँव में स्थित पुलिस चौकी ले जाकर पुलिस को सौंप दिया। पूछताछ में साधु ने अपना नाम केहर सिंह पुत्र शिवचरण निवासी ग्राम ननुपुरा थाना हीमपुर दीपा बताते हुए अपने आप को बेकसूर बताया है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक उदय प्रताप सिंह ने बताया कि छात्रा साधु को देखकर डर गई और शोर मचा दिया। सब गलतफहमी की बजह से हुआ है। बच्चा चोरी जैसा कोई मामला नहींं है।




