शमून कासमी का विवादित बयान , मदरसो में पढ़ाया जाएगा,वेद पुराण

Uttrakhand,,(रिजवान अहसन)सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में सभी के दायित्व बांट दिए है. जिनमें मुफ्ती शमून कासमी को उत्तराखंड मदरसा बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है. कासमी ने उत्तराखंड मदरसा बोर्ड का कार्यभार संभालते ही एक बड़ा बयान दिया है. उनका कहना है कि उत्तराखंड के मदरसों में अब बच्चों को वेद और पुराण पढ़ाया जाएगा. ताकि वह सनातन धर्म को समझ सकें.
मुफ्ती शमून कासमी ने कहा कि उत्तराखंड में चार धाम के बारे में भी बच्चों को पढ़ाया जाएगा. यह धाम केवल हिंदुओं के लिए पूजनीय नहीं है, बल्कि मुसलमानों के लिए भी हैं. इसलिए हम इनके बारे में बच्चों को पढ़ाएंगे और मदरसों में योग की शिक्षा भी बच्चों को देंगे.
एक निजी चैनल से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि मदरसे में सबसे पहले वह खुद जाकर बच्चों को वेद पढ़ाएंगे. उसके बाद वहां के मौलवियों को हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ में ट्रेनिंग दिलवाएंगे, ताकि वहां से वेद और योग की पढ़ाई कर मौलवी मदरसों में जाकर बच्चों को वेद और पुराण की शिक्षा दे सकें.
बता दें कि उत्तराखंड वक्त बोर्ड के अध्यक्ष सरदार शम्स ने भी कहा था कि उत्तराखंड के मदरसों में बच्चों को संस्कृत पढ़ाई जाएगी. जिस पर काफी विवाद हुआ था. अब कासमी के इस बयान के बाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. इससे पहले कासमी साल 2014 में अन्ना हजारे की टीम में शामिल रहे हैं और अन्ना आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले चुके हैं.


















