व्यापार मंडल के प्रांतीय सम्मेलन में तस्लीम अहमद तीसरी बार प्रदेश प्रभारी मनोनीत

रिपोर्टर विकास सिंह
व्यापार मंडल के प्रांतीय सम्मेलन में तस्लीम अहमद तीसरी बार प्रदेश प्रभारी मनोनीत
नूरपुर। जनपद बिजनौर के जजी मार्ग स्थित एक भव्य बैंकट हॉल में रविवार को पश्चिम उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल का प्रांतीय चुनाव सम्मेलन बड़े उत्साह और जोश के साथ सम्पन्न हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष रवी प्रकाश अग्रवाल ने की, जबकि संचालन की जिम्मेदारी प्रदेश महामंत्री मुकुल अग्रवाल ने निभाई। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में तथा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए।सम्मेलन का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं माल्यार्पण से किया गया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार व्यापारियों के हितों की पूरी तरह संवेदनशील है और किसी भी स्थिति में उनका उत्पीड़न नहीं होने देगी। उन्होंने बताया कि व्यापारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कई वस्तुओं पर जीएसटी की दरें समाप्त की हैं, जिससे व्यापारी वर्ग को सीधा लाभ मिला है।मुख्य वक्ता नरेंद्र कश्यप ने कहा कि उद्योग और व्यापार ही देश की आर्थिक रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि सरकार व्यापारियों और उद्योगों को सशक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे संगठन के माध्यम से अपनी समस्याएं सरकार तक पहुंचाएं, ताकि उनका समय पर समाधान हो सके।सम्मेलन में चुनाव प्रक्रिया के दौरान तस्लीम अहमद को तीसरी बार प्रदेश प्रभारी मनोनीत किया गया। मनोनयन के बाद उन्होंने संगठन की मजबूती और व्यापारी वर्ग की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की तथा संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया।कार्यक्रम में नगर पश्चिम उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। नगर अध्यक्ष रवीन्द्र सिंह ने कहा कि नूरपुर के व्यापारी हमेशा संगठन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। युवा नगर अध्यक्ष मुकुल गुप्ता ने युवाओं को संगठन से जोड़ने पर बल दिया। इस दौरान अलीशा सिद्दीकी, मुकुल जोशी, संदीप जोशी, चौधरी अजयवीर सिंह, नबील मिकरानी, गुलाम नबी आजाद, असलम मलिक, शाहनवाज मलिक, प्रणय मनु गुप्ता, लालवंत सिंह, हारून इदरीसी, महबूब इदरीसी सहित अनेक पदाधिकारियों ने विचार व्यक्त किए।सम्मेलन में कर व्यवस्था में सुधार, व्यापारिक सुरक्षा, जीएसटी सरलीकरण, मंडी शुल्क, लाइसेंस नवीनीकरण की जटिलताओं और स्थानीय स्तर पर व्यापारियों की समस्याओं पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि व्यापारियों को और अधिक सुविधाएं दी जाएं, जिससे वे निर्भीक होकर अपना व्यवसाय कर सकें।कार्यक्रम में नगर और जनपद के सैकड़ों व्यापारी शामिल हुए और अपने उत्साह एवं एकजुटता से सम्मेलन को सफल बनाया। पूरा माहौल सौहार्द्र और उत्साह से परिपूर्ण रहा।


















