विजय कुमार शर्मा और सैयद अली अब्बास गुर्देजी को मिला “इंटरनेशनल पीस एंड ह्यूमैनिटी अवॉर्ड”

विजय कुमार शर्मा और सैयद अली अब्बास गुर्देजी को मिला “इंटरनेशनल पीस एंड ह्यूमैनिटी अवॉर्ड”
अजमेर – ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह परिसर में आयोजित एक गरिमामय समारोह में संस्कार न्यूज के प्रधान संपादक श्री विजय कुमार शर्मा और दरगाह के गद्दीनशीन सैयद अली अब्बास गुर्देजी को WAOHR-India (World Accreditation of Human Rights) द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर के “इंटरनेशनल पीस एंड ह्यूमैनिटी अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया।



यह सम्मान WAOHR के महासचिव डॉ. मोहम्मद तारिक जकी द्वारा प्रदान किया गया। यह पहला अवसर था जब राजस्थान में इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मान को प्रदान किया गया, जिससे अजमेरवासियों में गर्व और उत्साह का वातावरण बना।
कार्यक्रम में WAOHR के दिल्ली सचिव श्री फिरोज इकबाल और समाजसेविका श्रीमती सरला शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहीं। फिरोज इकबाल ने आयोजन की शुरुआत में WAOHR संस्था का परिचय देते हुए इसके वैश्विक कार्यों, उद्देश्यों और सामाजिक सरोकारों की जानकारी साझा की।



डॉ. मोहम्मद तारिक जकी ने अपने वक्तव्य में कहा, “समाज में शांति, मानवता और सेवा के क्षेत्र में सतत कार्य करने वाले व्यक्ति सच्चे राष्ट्र निर्माता होते हैं। यह सम्मान उनके समर्पण का प्रतीक है।”
सम्मान प्राप्त करने के उपरांत विजय कुमार शर्मा ने कहा, “यह सम्मान मेरे लिए नहीं, बल्कि उन सभी पत्रकारों और समाजसेवकों के लिए है जो निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा में जुटे हैं। मैं WAOHR संस्था और आयोजन समिति का हृदय से आभार प्रकट करता हूँ। यह सम्मान मुझे और अधिक प्रेरणा और जिम्मेदारी के साथ जनहित में कार्य करने का संबल देगा।”
सैयद अली अब्बास गुर्देजी ने भी संस्था का आभार व्यक्त किया और कहा कि वे ख्वाजा गरीब नवाज की शिक्षाओं के अनुरूप मानवता, भाईचारे और सेवा के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित हैं।
इस अवसर पर सैयद जकारिया गुर्देजी की उपस्थिति ने आयोजन को और भी गरिमामय बना दिया। उन्होंने सम्मानित व्यक्तियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि ऐसे सम्मान समाज को सकारात्मक दिशा देने वाले प्रयासों की सराहना हैं।
इस विशेष अवसर पर गुर्देजी परिवार द्वारा श्री विजय कुमार शर्मा, डॉ. तारिक जकी, श्री फिरोज इकबाल और श्रीमती सरला शर्मा का शॉल और माला पहनाकर अभिनंदन किया गया तथा दस्तारबंदी की गई, जो सूफी परंपरा में सम्मान का प्रतीक मानी जाती है।
इस आयोजन ने न केवल अजमेर, बल्कि पूरे राजस्थान के लिए एक प्रेरणादायक क्षण प्रस्तुत किया। समापन पर सभी उपस्थित जनों ने शांति, एकता और मानवता को बढ़ावा देने की सामूहिक प्रतिज्ञा ली।

















