काशी हिंदू विश्वविद्यालय के मधुबन पार्क में चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन

वाराणसी। आज 11वां दिन है। लगातार कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने पूरी तरह शांति और अनुशासन बनाए रखा है। इसी क्रम में बीते दिन प्रशासन द्वारा पैदल मार्च की अनुमति दी गई थी, जिसके तहत प्रदर्शनकारियों ने मधुबन पार्क से एमएमवी चौराहा होते हुए पुनः मधुबन पार्क तक मार्च निकाला।
हालांकि, आज उसी पैदल मार्च के लिए प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं दी गई, जिससे प्रदर्शनकारियों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। इस संदर्भ में प्रशासन से यह सवाल उठता है कि आखिर एक दिन पहले जो अनुमति दी गई, वह आज क्यों नहीं दी गई?
क्या बीते दिन दिल्ली से आए लेबर कमिश्नर की मौजूदगी के कारण ही प्रशासन ने पैदल मार्च की अनुमति दी थी? यदि ऐसा नहीं था, तो फिर आज उसी शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किए जाने वाले मार्च पर रोक लगाने का क्या कारण है? प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने हर बार प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन किया है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होने दी।
ऐसे में प्रशासन की यह अलग-अलग नीति सवाल खड़े करती है। प्रदर्शनकारी यह जानना चाहते हैं कि अनुमति देने और न देने के पीछे स्पष्ट मापदंड क्या हैं। यदि प्रशासन पारदर्शिता के साथ स्थिति स्पष्ट करे, तो इससे न केवल भ्रम दूर होगा, बल्कि विश्वास भी बना रहेगा।


















