मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की पत्रावली स्वीकृत, ऋण वितरण की प्रगति पोर्टल पर अपलोड करें बैंकर्स-जिलाधिकारी।

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की पत्रावली स्वीकृत, ऋण वितरण की प्रगति पोर्टल पर अपलोड करें बैंकर्स-जिलाधिकारी।
आईरा न्यूज़ नेटवर्क जिला ब्यूरो सुबोधकुमार
बेरोजगार युवाओं को स्वतःरोजगार स्थापित हेतु ऋण वितरण में बेहतर कार्य करने वाले बैंकर्स को किया जाए सम्मानित-अंजनी कुमार।
मैनपुरी 28 जुलाई जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने जिला उद्योग बंधु, जिला व्यापार बंधु की बैठक के दौरान नाराजगी व्यक्त करते हुए बैंकर्स से कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान में कुछ बैंकर्स द्वारा ऋण वितरण में विलंब किया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजनांतर्गत जनपद को 1700 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष 1693 पत्रावलियां विभिन्न बैंकों को प्रेषित की गई, जिनमें से 514 पत्रावलियों को स्वीकृत कर अब तक 408 पत्रावलियों पर बैंकर्स द्वारा ऋण-वितरण किया गया है। उन्होंने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि विभिन्न बैंकों द्वारा 412 पत्रावलियों को निरस्त किया गया है, जिसमें सर्वाधिक 152 पत्रावलियां ग्रामीण बैंक ऑफ़ आर्यावर्त, 92 पत्रावलियां बैंक ऑफ़ इंडिया, 75 पत्रावलियां भारतीय स्टेट बैंक, 21 पत्रावलियां केनरा बैंक द्वारा निरस्त की गई है। उन्होंने समीक्षा के दौरान पाया कि अभी विभिन्न बैंकों में 618 पत्रावलियां स्वीकृति हेतु लंबित है, जिसमें सर्वाधिक 150 पत्रावलियां बैंक ऑफ इंडिया, 223 पत्रावलियां भारतीय स्टेट बैंक, 62 पत्रावलियां ग्रामीण बैंक ऑफ़ आर्यावर्त, 43 पत्रावलियां एच.डी.एफ.सी. एवं 37 पत्रावलियां पंजाब नेशनल बैंक में लंबित है।
श्री सिंह ने मुख्यमंत्री युवा स्वःरोजगार योजना की समीक्षा के दौरान पाया की वार्षिक लक्ष्य 135 के सापेक्ष विभिन्न बैंकों में 143 पत्रावलियां प्रेषित की गईं, जिसमें से 45 पत्रावलियों को स्वीकृत कर बैंकर्स द्वारा 34 पर ऋण वितरण किया गया है, एक जनपद-एक उत्पाद योजना में भौतिक लक्ष्य 32 के सापेक्ष 63 पत्रावलियां बैंकों को प्रेषित की गई, जिसमें से 23 पत्रावलियों को स्वीकृत कर 12 पर ऋण वितरण किया गया, निवेश मित्र पोर्टल पर प्राप्त 1038 शिकायतों में से 930 का निस्तारण किया जा चुका है, शेष निर्धारित समयसीमा में लंबित हैं, जिन्हें समय से निस्तारित किये जाने के निर्देश दिये। उन्होने बैंकर्स से कहा कि निरस्त की गई पत्रावलियों का औचित्य सहित कारण स्पष्ट करें, बैंकर्स शासन की संचालित लाभार्थीपरक, जन कल्याणकारी योजनाओं में ऋण वितरण करने में दिलचस्पी दिखाएं। उन्होंने समीक्षा के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा व्यापारियों को जारी किए गए नोटिस के संबंध में कहा कि व्यापारियों से प्रत्यावेदन लेकर खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रत्यावेदन को उच्च स्तर पर भेज कर समस्या का निदान करायें, उद्यमियों का किसी भी स्तर पर शोषण न हो, उद्यमियों की समस्याओं का प्राथमिकता पर निदान किया जाये।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, अपर जिलाधिकारी श्याम लता आनन्द, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी संजय कुमार मल्ल, उपायुक्त एनआरएलएम शौकत अली, सहायक आयुक्त खाद्य डा. श्वेता सैनी, अग्रणी जिला प्रबन्धक रामचन्द्र साहा, जिला आबकारी अधिकारी हितेन्द्र कुमार शेखर, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. सोमदत्त, उप कृषि निदेशक नरेन्द्र कुमार त्रिपाठी, सहायक प्रबन्धक उद्योग अजय परिहार, उद्यमी मित्र राहुल दुबे सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी, विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक, उद्यमी राघव तापड़िया, अनिल अग्रवाल, विनय गुप्ता, घनश्याम दास गुप्ता, धीरू राठौर, नीरज बैजल, गिरीश चन्द्र गुप्ता आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन उपायुक्त उद्योग उत्कर्ष चन्द्र ने किया।


















