महफिल-ए-गौसुलवरा कर हज़रत सैयदना शैख़ अब्दुल कादिर जीलानी अलैहिर्रहमां के उर्स के मौके पर जलसे का आयोजन

महफिल-ए-गौसुलवरा कर हज़रत सैयदना शैख़ अब्दुल कादिर जीलानी अलैहिर्रहमां के उर्स के मौके पर जलसे का आयोजन
नजीबाबाद| ग्राम गजरौला पाईमार मैं महफिल-ए-गौसुलवरा के मौके पर जलसे का आयोजन किया गया
जिसमें खतीबे अहले सुन्नत हजरत मौलाना मेहंदी हसन मुरादाबादी ने कहा कि पैगंबर-ए-आज़म हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम की पाक जिंदगी इंसानियत के लिए एक बेहतरीन मिसाल है, जिससे पूरी दुनिया एक अच्छी और मिसाली जिन्दगी गुजारने का सबक हासिल करती रही है। दुनिया मोमिन के लिए कैदखाना है। दुनिया जी लगाने की नहीं, इबरत की जगह है।
पैगंबर-ए-आज़म हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम की राह पर चलकर ही जिंदगी व आखिरत को कामयाब बनाया जा सकता है।
शायरे अहले सुन्नत बुलबुल बागे मदीना हज़रत अल्लामा मोलाना रिजवान रज़ा रिजवानी रतना नूरी नगर भोजीपुरा बरेली शरीफ ने सरकार की आमद आमद,हम अपने नबी पाक से प्यार करेंगे खूबसूरत कलाम पेश किए
हज़रत मोलाना कामिल साहब संभली ने कहा कि इल्म के बिना किसी मसले की गहराई और उसका हल नहीं तलाशा जा सकता है। अगर हमें अपनी कौम को उन्नति के मार्ग पर ले जाना है तो इसके लिए जरूरी है कि नई नस्ल को पैगंबर-ए-आज़म, सहाबा, अहले बैत व औलिया की पाक जिंदगी से अवगत कराया जाए।
जिसमें दीगर उलेमा तशरीफ लाए मौलाना गुलाम मुर्तजा साहब, मौलाना गुलाम मुस्तफा साहब, हाफिज नौशाद आदि मौजूद रहे


















