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मनरेगा योजना में कागज़ी मजदूर- ग्राम पंचायत कमालपुर खाईखेड़ी में विकास कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप, उच्च स्तरीय जांच की मांग

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आईरा न्यूज़ नेटवर्क
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🛑 ग्राम पंचायत कमालपुर खाईखेड़ी में विकास कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप, उच्च स्तरीय जांच की मांग

सड़कें टूटीं, नल सूखे, फर्जी मजदूरों को भुगतान! ग्राम प्रधान और सचिव पर वित्तीय घोटाले के गंभीर आरोप

📍 रिपोर्ट: आईरा न्यूज़ नेटवर्क संवाददाता | नजीबाबाद, बिजनौर
🗓️ प्रकाशित: 29 मई 2025 |
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📌 मुख्य बिंदु:

ग्राम प्रधान अहमद रज़ा और सचिव भरत खन्ना पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप

निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री, सड़कें कुछ ही महीनों में क्षतिग्रस्त

मनरेगा के तहत फर्जी उपस्थिति दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग

पेयजल व्यवस्था के नाम पर खर्च, लेकिन कार्यस्थल पर काम नदारद

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मुख्यमंत्री और ज़िलाधिकारी मुख्य विकास अधिकारी को शिकायती पत्र,भेज स्वतंत्र जांच की मांग

🔍 क्या है मामला?

नजीबाबाद तहसील की ग्राम पंचायत कमालपुर खाईखेड़ी एक बार फिर सुर्खियों में है। गांव के निवासी अर्जेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया है कि पंचायत के विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियाँ हुई हैं। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय, जिलाधिकारी, सीडीओ व एसडीएम नजीबाबाद को शिकायती पत्र भेजकर उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच की माँग की है।

🏗️ सड़क निर्माण में गड़बड़ी: गुणवत्ता नाम मात्र की

अर्जेन्द्र सिंह के अनुसार पंचायत द्वारा निर्मित सड़कों की गुणवत्ता इतनी खराब रही कि छह महीने में ही सड़कें उखड़ गईं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया और बिल पास करवा लिए गए।

🚱 पेयजल योजना में ‘कागजी काम’, धरातल पर शून्य

गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए नलों की मरम्मत और री-बोरिंग के नाम पर सरकारी फंड से भुगतान कर लिया गया, लेकिन न तो नल बदले गए और न ही कोई बोरिंग हुई। ग्रामीण आज भी सूखे हैंडपंप और खराब नलों से जूझ रहे हैं।

🧾 मनरेगा योजनाओं में ‘कागजी मजदूर’

मनरेगा के अंतर्गत चल रहे कार्यों में फर्जी उपस्थिति दर्ज कर, बिना किसी कार्य के मजदूरी निकाली गई। गांव में कोई कार्यस्थल नहीं दिखा, फिर भी मजदूरों को भुगतान दर्शाया गया।

📜 ग्रामवासियों की प्रमुख माँगें

✅ स्वतंत्र एजेंसी से समस्त पंचायत कार्यों की निष्पक्ष जांच
✅ दोषी पाए जाने पर प्रधान और सचिव के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई
✅ पंचायत के आय-व्यय और योजनाओं की जानकारी सार्वजनिक की जाए

📣 “गांव की जनता को धोखा दिया गया है” — अर्जेन्द्र सिंह

“यह सिर्फ पंचायत का नहीं, पूरे सिस्टम का सवाल है। जनता के टैक्स के पैसों से जो विकास होना चाहिए था, वह सिर्फ कागजों में हो रहा है। प्रशासन यदि अब भी नहीं जागा, तो हम आंदोलन करेंगे,” — ऐसा कहना है शिकायतकर्ता अर्जेन्द्र सिंह का।

⚠️ प्रशासन की चुप्पी पर उठते सवाल

अब तक न तो पंचायत राज अधिकारी और न ही तहसील प्रशासन ने इस मामले में कोई औपचारिक जांच प्रक्रिया शुरू की है। ग्रामवासियों का कहना है कि अगर कार्रवाई में देरी हुई, तो प्रदर्शन और धरना किया जाएगा।

🖋️ संवाददाता: वसीम अगमद, आईरा न्यूज़ नेटवर्क

📢 आपकी पंचायत में भी है कोई घोटाला?
👉 हमें लिखें: admin@airanewsnetwork.com

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