प्रापर्टी के लालच में सगे बहनोइयों ने साले की कर दी थीं गोली मारकर हत्या

आशीष पचौरी मंडल प्रभारी
प्रापर्टी के लालच में सगे बहनोइयों ने साले की कर दी थीं गोली मारकर हत्या
फ़िरोज़ाबाद
नगला सिंघी क्षेत्र में एक थार गाड़ी में युवक धर्मवीर का शव मिला जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई धर्मवीर के सर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी आगरा के महुआ खेड़ा के युवक धर्मवीर की हत्या में पुलिस को करीबियों पर शक है। इसलिए इस हत्या की जांच में पुलिस मृतक धर्मवीर के रिश्तेदार और करीबियों के फोन और लोकेशन खंगालने लगी
धर्मवीर की हत्या करने के बाद धर्मवीर की सोने की चेन व मोबाइल पुलिस टीम को सुरक्षित मिले हैं। ऐसे में पुलिस को संदेह था की हत्यारा कोई बेहद नजदीकी हो सकता है।
नगला सिंघी पुलिस व एसओजी,सर्विलांस पुलिस टीम द्वारा धर्मवीर की हत्या का खुलासा करते हुये तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपी राजेश पुत्र सुरेन्द्र निवासी लाँघी थाना नगला सिंधी उम्र करीब 30 वर्ष व अक्षय पुत्र सुरेन्द्र निवासी लाँधी थाना नगला सिंघी उम्र करीब 26 वर्ष और योगेश पुत्र सुरेन्द्र निवासी लांघी थाना नगला सिंघी उम्र करीब 28 वर्ष के द्वारा अपने सगे साले धर्मवीर पुत्र स्व0 श्री शिवराज सिंह निवासी कुआँखेङा थाना ताजंगज जनपद आगरा की अवैध तमंचे से सिर में गोली मारकर हत्या कर दी थी पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से 2 तमंचा 315 बोर व 2 खोखा कारतूस व 2 जिंदा कारतूस एक फ्लाइट का टिकिट एयर इंडिया की छाया प्रति,तीन मोबाइल,एक मोटरसाइकल नं0 UP 83 W 0076,एक गाडी अर्टिगा गाडी नम्बर UP 83 BD 7459 बरामद की गई है पुलिस द्वारा पकडे गये आरोपियों से घटना के बारे मे कडाई से पूछताछ की गयी तो पकडे गये आरोपी राजेश ने बताया कि कुछ दिन पहले हम लोगों ने योजना बनायी थी कि योगेश का एक साला धर्मवीर है जिसके हिस्से मे जो जमीन आ रही है वह काफी कीमती है उसके पास काफी पैसे है वह अपने घर मे इकलौता लडका है । उसकी दो बहने है बडी बहन उमा योगेश को ब्याही है दुसरी बहन शशी की शादी की बात मेरे भाई अक्षय से चल रही थी जिसकी हत्या के बाद सारी जमीन व पैसा हमारे घर मे आ जाना है इसलिए हम तीनो भाईयो ने मिलकर योजना बनाई की धर्मवीर को बहाने से बुलाकर जंगल मे उसकी हत्या कर देंगे । योजना के अनुसार अक्षय रात को भोपाल से बिना टिकट ट्रेन से आगरा आया जहा मै राजेश पहले से पहुँच गया जहाँ पर मैं बाइक लेकर गाडी से कुछ दूरी बनाकर चल रहा था । गाडी को अक्षय चला रहा था । कंडक्टर साइड में धर्मवीर सीट बैल्ट लगाकर बैठा था । रास्ते मे पेशाब करने के बहाने ग्वारई रोड पर अक्षय ने गाडी रोकी और उतर गया । धर्मवीर मोबाइल चला रहा था तभी मौका पाकर हम दोनों ने एक राय होकर मैने कंडक्टर साइड की खिडकी खोली तथा पीछे हट गया । ड्राइवर साइड की खिडकी पर अक्षय ने अपने तमंचे से धर्मवीर पर गोली चलाई जो उसके माथे पर लगी धर्मवीर की मौके पर ही मृत्यु हो गयी थी उसके बाद मैंने(राजेश) धर्मवीर पर गोली चलाई जो उसके न लगकर बाहर को चली गयी थी । घटना के बाद योजना के अनुसार मैं(राजेश) अक्षय को बाइक पर बिठाकर टूण्डला ले गया जहाँ मेरी बाइक पैशन प्रो स्टेशन की पार्किंग में खङी थी मैं उसको लेकर वापस चल दिया और अक्षय अपनी अपाचे बाइक लेकर सीधा दिल्ली एयरपोर्ट पहुँचा और अपाचे बाइक एयरपोर्ट की पार्किंग में छोङकर फ्लाइट से मुम्बई होता हुआ भोपाल अपनी यूनिट में 24 घण्टे के अन्दर ही पहुँच गया । दूसरी तरफ मैंने अपने भाई योगेश को योजना के तहत उसके साले धर्मवीर की हत्या करने की सूचना सुबह चार बजे ही बता दी थी कि काम हो गया है, अब तुम सूचना मिलने पर पुणे से चले आना । जिसके बाद मेंने हत्या करने में प्रयुक्त दोनों तमंचों को भीकनपुर के जंगल में एक ट्युबैल के बराबर झाडीयों मे छिपा दिया और घर वापस आ गया । इस घटना की प्लानिंग हम तीनों भाईयों ने अब से करीब 10 दिन पूर्व ही कर ली थी । हत्या में शामिल पकड़े गए तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया |






