नवीन गल्ला मंडी के किसानों एवं व्यापारियों की समस्याओं को उठाना जनहित की लड़ाई : मो आफाक

लखनऊ: राष्ट्रीय सामाजिक कार्यकर्ता संगठन के संयोजक मोहम्मद आफाक ओर मदरसा इकरामुत तालीम के मैनेजर अकबर जफर ने नवीन गल्ला मंडी, सीतापुर रोड, लखनऊ में किसानों एवं व्यापारियों के सामने आ रही समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (सावित्री) की राष्ट्रीय अध्यक्ष सावित्री सिंह द्वारा मंडी परिषद के निदेशक को दिए गए ज्ञापन का समर्थन करते हुए कहा कि मंडी में वर्षों से कारोबार कर रहे किसानों और छोटे-बड़े व्यापारियों को परेशानियों से निजात दिलाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
मोहम्मद आफाक ने कहा कि ज्ञापन में मंडी की दुकानों, सार्वजनिक शौचालय, कैंटीन, पराग डेयरी, चेकपोस्ट, पार्किंग एवं अन्य सरकारी संपत्तियों पर कथित अवैध कब्जे और अवैध वसूली जैसे गंभीर मुद्दे उठाए गए हैं। इन आरोपों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। यदि जांच में अनियमितताएं और सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जे की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध बिना किसी राजनीतिक दबाव के कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मंडी में लगभग 20 वर्षों से कारोबार कर रहे किसानों एवं व्यापारियों के सामने आजीविका का संकट पैदा करना उचित नहीं है। जिन लोगों ने वर्षों से मंडी में मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण किया है, उनके रोजगार और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। किसी भी व्यापारी के साथ भेदभाव या मनमानी नहीं होनी चाहिए। साथ ही पात्र व्यापारियों के लाइसेंस बनाने और उन्हें मंडी परिसर में उचित स्थान उपलब्ध कराने की मांग पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
मोहम्मद आफाक ने कहा कि मंडी परिषद की सरकारी संपत्तियां किसी व्यक्ति विशेष की निजी संपत्ति नहीं हैं। सार्वजनिक शौचालय, कैंटीन, पराग डेयरी और अन्य जनसुविधाओं का लाभ आम जनता तथा व्यापारियों को मिलना चाहिए। यदि इन सुविधाओं पर अवैध कब्जे या निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं तो अधिकारियों को मौके पर निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
अकबर जफर ने कहा कि मंडी के अंदर और बाहर अवैध वसूली, वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग तथा मंडी के बाहर कारोबार किए जाने से व्यापारियों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी परेशानी होती है। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होने और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इन सभी मामलों की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
मोहम्मद आफाक ने मंडी परिषद के निदेशक से मांग की कि सावित्री सिंह द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन में उठाए गए सभी दस बिंदुओं पर समयबद्ध जांच कराई जाए तथा 15 दिनों के भीतर की गई कार्रवाई से शिकायतकर्ताओं को अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा कि मंडी में पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करने के लिए नियमित चुनाव कराने की मांग भी विचारणीय है, ताकि किसानों और व्यापारियों को अपनी समस्याएं लोकतांत्रिक तरीके से रखने का अवसर मिल सके।
अंत में मोहम्मद आफाक ने कहा कि किसानों, गरीबों, छोटे व्यापारियों और मेहनतकश लोगों के अधिकारों की लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि अन्याय, मनमानी, अवैध वसूली और भ्रष्टाचार के खिलाफ है। प्रशासन को चाहिए कि वह किसी के राजनीतिक प्रभाव में आए बिना निष्पक्ष जांच कर न्याय सुनिश्चित करे।






