टीबी, एचआईवी/एड्स व दिमागी बीमारियों पर सभी विद्यार्थियों को जागरूक किया।

सुमरिन योगी
करनाल (हरियाणा)
करनाल 1 जुलाई, जिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान करनाल में सिविल सर्जन कार्यालय की हैल्थ टीम द्वारा उप सिविल सर्जन डा0 सिम्मी कपूर की अध्यक्षता में टीबी, एचआईवी/एड्स व दिमागी बीमारियों पर सभी विद्यार्थियों को जागरूक किया।
इस कार्यक्रम में उप सिविल सर्जन डा0 सिम्मी कपूर ने एचआईवी/एड्स, टीबी व नशे पर विद्यार्थियों से बातचीत की व उन्हें इसके बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे हमेशा नशे को नो (नहीं) कहें, कुछ सावधानियां बरतें व इन जानकारियों को परिवार व दोस्तों के साथ सांझा करें।
मनोचिकित्सक डा0 मनन ने बच्चों को मानसिक स्थिति, मनोरोग से जुड़े अहम तथ्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार व्यक्ति धीरे-धीरे मानसिक बीमारी का शिकार हो जाता है। किसी भी मनोरोग से लडऩे में एक परिवार की अहम भूमिका होती है। उन्होंने बताया कि कम बात करना, कम खाना, ज्यादा सोना या न सोना, कमजोरी, ज्यादा गुस्सा या झगडऩा आदि इस प्रकार के लक्षण दिखें तो मनोचिकित्सक की राय अवश्य लेनी चाहिए व काउंसलिंग थैरेपी शुरू करनी चाहिए।
इस बैठक में उप सिविल सर्जन डा0 सिम्मी कपूर द्वारा विभाग के अधिकारियों से अपील की कि वह अपने विभाग के परिसर में एचआईवी/एड्स की जागरूकता के लिए होर्डिंग्स, आईईसी मैटिरियल में एचआईवी टोल फ्री हैल्प लाईन नम्बर 1097 को प्रदर्शित करें। इस कार्यक्रम में राजबीर ने सभी को टीबी व एचआईवी/एड्स से संबंधित जानकारी दी। एचआईवी/एड्स के फैलने के कारण, लक्षण व रोकथाम के बारे में बताया। साथ ही इस बीमारी को लेकर जो भ्रांतियां समाज में फैली हुई हैं उन्हें भी दूर किया।
सकता है ।
एचआईवी/एड्स पर एचआईवी काउंसलर ममता रानी, एलटी राजिन्द्र ने बच्चों को एचआईवी/एड्स के लक्षणों व रोकथाम के बारे में पूर्ण जानकारी दी। इसके साथ ही हमेशा नई सुई व सिरिंज के इस्तेमाल की सलाह दी। इस अवसर पर एचआईवी/एड्स टैस्टिंग व टीबी थूक के सैंपल भी लिए गए। एचआईवी जांच में सभी विद्यार्थी नॉन रिएक्टिव पाए गए।
इस अवसर पर आईटीआई के प्रधानाचार्य धर्मेंद्र, जिला नोडल अधिकारी डा. सिम्मी कपूर, जसविन्द्र सिंह, डा. मदन, मनोविज्ञानी संतोष, डीपीसी स्नेह सहित स्टाफ के सदस्य मौजूद रहे।


















