बिजनौर-उत्तरप्रदेश

जिला बिजनौर में औद्योगिक,कृषि,हस्तकला,पर्यटन,काष्ठकला आदि अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों की प्रगति का डाटा संबंधित पोर्टलों और वेबसाइट्स पर उपलब्ध हो-जिलाधिकारी उमेश मिश्रा

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जिला बिजनौर में औद्योगिक, कृषि, हस्तकला, पर्यटन, काष्ठकला आदि अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों की प्रगति का डाटा संबंधित पोर्टलों और वेबसाइट्स पर उपलब्ध न होने के कारण जिले की आर्थिक एवं औद्योगिक प्रगति का सही आकलन किया जाना संभव नहीं, कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सर्वेक्षण के माध्यम से जिला बिजनौर की वास्तविक प्रगति का प्रस्तुतिकरण-जिलाधिकारी उमेश मिश्रा

BIJNOR- 28 JULY, 2023

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि जिला बिजनौर में औद्योगिक, कृषि, हस्थकला, पर्यटन, काष्ठकला आदि अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य किए जा रहे हैं, परन्तु इस प्रगति का डाटा संबंधित पोर्टलों और वैबसाईट्स पर उपलब्ध न होने के कारण जिले की प्रगति का सही आंकलन किया जाना संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजनौर में विभिन्न क्षेत्रों में होने वाली प्रगति के वास्तिविक आंकड़ों को एकत्र कर उन्हें प्रर्दशित करने का कार्य करें और इस कार्य में जिले के उद्योग बन्धुओं, व्यपारियों, काखाना स्वामियों, कृषकों, हस्थ एवं काष्ठकला उद्यमियों से सम्पर्क स्थापित कर उन्हें सही जानकारी उपलब्ध कराने और उन्हें स्वयं अपनी व्यवसायिक प्रगति को प्रर्देशित करने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करें ताकि जिला बिजनौर की आर्थिक, औद्योगिक, पर्यटन, कृषि आदि क्षेत्र में होने वाली प्रगति का सही आंकलन संज्ञानित हो सके।
जिलाधिकारी श्री मिश्रा मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाए जाने के उद्देश्य से जिले के सर्वेक्षण के लिए सांख्यिकी आंकड़ों को एकत्र किए जाने के संबंध में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित संवेदीकरण कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।
उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यशाला में भली-भांति विचार-विमर्श करके सर्वेक्षण के अंतर्गत सही एवं तथ्यपरक सूचनाएं उपलब्ध अथवा एकत्रित करना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संकल्पना को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश में विकास के अलग-अलग आयामों को बल प्रदान किये जाने के लिए समग्र रूप से अथक प्रयास किये जा रहे है। उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है, इसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार के सर्वेक्षण कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इन सर्वेक्षणों में जिले में संचालित विकासोन्मुख योजनाओं में हो रहे निवेश के दृष्टिगत विनिर्माण व्यापार एवं अन्य सेवा क्षेत्र में परिलक्षित हो रहे विकास की वास्तविक स्थिति के अनुरूप आंकड़ें अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जो सरकार की नीति निर्धारण के लिए आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि सांख्यिकी विभाग द्वारा दिए गए आंकड़ों के माध्यम से योजनाओं में फीडबैक लेते हुए आवश्यकतानुसार प्रावधान किए जाते हैं साथ ही नई योजनाओं का निर्माण करने में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य यही है कि सर्वेक्षण के माध्यम से जो ऑंकड़े लिये जा रहे है वह शुद्व हो तथा वास्तविक हों।
इस अवसर पर अर्थ एवं संख्या उपनिदेशक ने बताया कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर विभिन्न सर्वेक्षण कराये जाते है। जिसमें प्रमुख रूप से वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण (ASI), औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP), असंगठित क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (ASUSE), आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLF) तथा राष्ट्रीय प्रतिवर्ष सर्वेक्षण (NSS) प्रमुख समाजार्थिक सर्वेक्षण कार्य है। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य यही है कि सर्वेक्षण के माध्यम से जो ऑंकड़े लिये जा रहे है वह शुद्व हो तथा वास्तविक हो. अतः उद्यम बन्धु के पदाधिकारियो से अपील है कि वह शुद्व ऑंकड़े उपलब्ध कराने मे सहयोग करें।
इस अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कु0 लक्ष्मी देवी, धर्मवीर सिंह, अपर जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी जयंत जैन, महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र, सहायक निदेशक कारखाना, प्रदूषण, श्रम, जिला पंचायत राज अधिकारी अरविन्द सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण व जिले के उद्योग बन्धु, व्यापारी, काखाना स्वामी मौजूद थे।

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