केआईयूजी 2023 के दौरान प्रतिस्पर्धा में चार चांद लगायेंगे असम सरकार द्वारा तैयार अंतर्राष्ट्रीय स्तर के आयोजन स्थल

गुवाहाटी: खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2023 के आगामी चौथे संस्करण में शहर के अत्याधुनिक आयोजन स्थलों पर रोमांचक प्रतियोगिताएं देखने की उम्मीद है। इन आयोजन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय मानकों से मेल खाने के लिए डिज़ाइन किया गया है और हाल ही में सरुसजाई स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बने हाई परफॉरमेंस स्पोर्ट्स ट्रेनिंग एंड रेहबिलिटेशन सेंटर की शुरूआत से इसे बढ़ावा मिला है। यह केआईयूजी के दौरान में अधिकांश खेल गतिविधियों का केंद्र होगा।
2020 में खेलो इंडिया यूथ गेम्स (KIYG) का सफल आयोजन राज्य के लिए 19 फरवरी से शुरू हो रहे खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स (KIUG) जैसे भव्य आयोजन की मेज़बानी दिलाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम था। केआईयूजी में 200 विश्वविद्यालयों के 3,500 से अधिक शीर्ष एथलीट भाग लेंगे।
असम के खेल प्राधिकरण के एस्टेट ऑफिस बोकुल कलिता ने बताया, “जहां तक खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के आयोजन स्थलों का सवाल है, सरुसजाई स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के स्टेडियम अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैं। इंदिरा गांधी एथलेटिक स्टेडियम ने पहले कुछ फीफा अंडर-17 विश्व कप मैच, दक्षिण एशियाई खेलों, केआईवाईजी और सीनियर राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी की है। इसी तरह, नबीन चंद्र बोरदोलोई इंडोर स्टेडियम ने पिछले दिसंबर में बीडब्ल्यूएफ 100 सीरीज बैडमिंटन चैंपियनशिप के अलावा एआईबीए महिला युवा विश्व चैंपियनशिप जैसी वैश्विक प्रतियोगिताओं की मेजबानी की है।”
कलिता ने आगे कहा, “इसी तरह, डॉ. ज़ाकिर हुसैन एक्वेटिक्स कॉम्प्लेक्स ने हाल ही में दक्षिण एशियाई खेलों और केआईवाईजी के अलावा, वरिष्ठ राष्ट्रीय तैराकी चैंपियनशिप की मेजबानी की। सभी स्टेडियम अक्सर प्रतिष्ठित इवेंट्स की मेजबानी करते रहे हैं और यह केआईयूजी में अपेक्षित स्थानों के मानक का एक ट्रेलर है।”
यह केवल सरुसजाई स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के वेन्यूज़ की सूची है। शहर के बाकी हिस्सों और सामान्य तौर पर राज्य भर में अन्य उच्च मानक वेन्यूज़ की एक लंबी सूची है। टेनिस स्पर्धाओं की मेजबानी करने के लिए तैयार चचल टेनिस कॉम्प्लेक्स वर्षों से कई आईटीएफ स्पर्धाओं का घर रहा है। जबकि काहिलीपारा में शूटिंग रेंज पूर्वोत्तर में एकमात्र शूटिंग रेंज है, जहां कई राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
शहर के मध्य में स्थित नेहरू स्टेडियम, पिछले कुछ वर्षों में क्रिकेट और फुटबॉल दोनों में कई रोमांचक प्रतियोगिताओं का गवाह रहा है, और केआईयूजी 2023 की कुछ प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
खेल और युवा कल्याण विभाग के उप सचिव के रूप में कार्यरत पूर्व एथलीट शौर्य सरमा ने राज्य भर में हाई परफॉरमेंस स्पोर्ट्स ट्रेनिंग एंड रेहबिलिटेशन सेंटर के शुभारंभ को राज्य के एथलीटों के लिए एक प्रमुख गेम-चेंजर बताया है।
वह कहते हैं, “ असम सरकार राज्य भर में खेल के बुनियादी ढांचे के विकास में भारी निवेश कर रही है। पिछले महीने, माननीय मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने सरुसजाई स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एक हाई परफॉरमेंस स्पोर्ट्स ट्रेनिंग एंड रेहबिलिटेशन सेंटर का उद्घाटन किया था, और ऐसा ही एक केंद्र जोरहाट में भी बनाया गया है। कोकराझार में एक और एचपीसी स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया है। इससे आने वाले दिनों में हमारे युवाओं को मदद मिलेगी।”
खेल महारण
सरकार द्वारा किए गए पहलों की सूची को आगे बढ़ाते हुए बोकुल कलिता ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में राज्य भर में खेल, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और एकता की भावना को बढ़ावा देने के एक महान उद्देश्य के साथ खेल महारण का आयोजन किया। इस आयोजन में सभी आयु समूहों और कौशल स्तरों को मिलाकर लगभग 50 लाख खेल प्रेमियों की भागीदारी देखी गई।
ग्राम पंचायत या नगरपालिका स्तर से शुरू होने वाले और भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम में समापन के चार अलग-अलग चरणों में आयोजित इस आयोजन असम के सभी कोनों से खेल प्रेमी भाग ले सकें और प्रतिस्पर्धा कर सकें, सरकार की ओर से यह सुनिश्चित किया गया।
उन्होंने कहा, “खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स समाप्त होने के बाद, हम अपना ध्यान अंतिम चरण के आयोजन पर केंद्रित करेंगे, जो कि खेल महारण की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं हैं। खेल महारण आयोजित करने का मूल विचार जमीनी स्तर (एक विशेष प्रतिभा खोज टीम द्वारा) से प्रतिभाओं की पहचान करना है तथा उचित समय पर आवासीय प्रशिक्षण अकादमियों और अन्य केंद्रों में इन एथलीटों को सुविधाएं प्रदान करना है।”
कलिता ने कहा कि खेलों पर राज्य सरकार के फोकस का ही नतीजा है कि राष्ट्रीय खेलों में राज्य की पदक संख्या एक साल में दोगुनी हो गई है। उन्होंने कहा, “2022 में गुजरात में आयोजित 36वें राष्ट्रीय खेलों में असम 28 पदक जीता था जबकि पिछले साल गोवा में, हम 56 तक पहुंच गए। यह इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार सही दिशा में निवेश किया है।”
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